पाकिस्तान के वजीर-ए आजम बनना चाहते हैं मुशर्रफ (लीड-1)
वाशिंगटन, 21 मई (आईएएनएस)। पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ स्वदेश लौटने और दोबारा राजनीति शुरू करने के ख्वाहिशमंद हैं और उन्होंने संकेत दिया है कि वह देश के वजीर-ए आजम (प्रधानमंत्री)बनना चाहते हैं।
सीएनएन को गुरुवार को दिए साक्षात्कार में मुशर्रफ ने संयुक्त राष्ट्र की उस जांच रिपोर्ट का भी खंडन किया जिसमें कहा गया था पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की दिसंबर 2007 में हुई हत्या उनकी सरकार के स्तर हुई लापरवाही का परिणाम थी।
पहले-पहल तो मुशर्रफ ने इस बात से इंकार किया था कि उनकी नजर किसी पद विशेष पर है। उन्होंने सीएनएन के वोल्फ ब्लिट्जर के प्रश्न के जवाब में कहा, "यह मसला ..कि मैं राष्ट्रपति पद पाने का प्रयास करूंगा या प्रधानमंत्री का, बाद में तय किया जाएगा।" पर उनकी अगली ही टिप्पणी से यह जाहिर हो गया कि वह प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं।
मुशर्रफ ने कहा, "वहां संसदीय प्रणाली है। ..तो आपको..आपकी पार्टी को चुनाव में जीत हासिल होगी। उसके बाद ही आप अगला फैसला कर सकते हैं।"
उन्होंने कहा, "बुनियादी तौर पर आप किसी पार्टी का नेतृत्व करेंगे, तो आप प्रधानमंत्री पद की दौड़ में होंगे। क्योंकि पाकिस्तान में मुख्य कार्यकारी राष्ट्रपति न होकर प्रधानमंत्री है।"
मुशर्रफ को 2008 में पद छोड़ने के लिए बाध्य होना पड़ा था और उसके बाद देश छोड़कर चले गए थे। उसके बाद से वे ब्रिटेन,अमेरिका और यूरोप के दौरे करते रहे हैं और व्याख्यान देते आए हैं। उन्होंने कहा कि वह अपनी वापसी का सही समय नहीं बिता सकते।
उन्होंने कहा कि इसका ताल्लुक पाकिस्तान में चुनावों से होगा। उन्होंने कहा, "मैं यकीनन कह सकता हूं जब वहां जब सरकार के कार्यकाल की समाप्ति पर या फिर मध्यावधि चुनाव होंगे, तो मैं उन चुनावों से पहले वहां मौजूद रहूंगा"
मुशर्रफ ने कहा कि मध्यावधि चुनाव अगले साल हो सकते हैं। उन्होंने कहा, "शायद मेरी बीवी और मेरा परिवार उस समय मेरे लिए बहुत चिंतित हो। लेकिन वहां सुरक्षा का मसला अहम है जिसको ध्यान में रखा जाना जरूरी है। इसीलिए मैं अपनी वापसी तारीख तय नहीं कर रहा हूं।"
उन्होंने कहा, "मैं देर-सवेर अपनी इच्छाओं को औपचारिक रूप से घोषित किए जाने का इच्छुक हूं।"
बेनजीर हत्याकांड की संयुक्त राष्ट्र द्वारा कराई गई जांच के पूछने पर मुशर्रफ ने कहा, "वह मैं ही था जिसने उनका जीवन खतरे में होने की चेतावनी दी थी। वह मैं ही था जिसने एक बार पहले उन्हें उस आयोजन स्थल पर जाने से रोका था। उसकी वजह से मुझ पर कई राजनीतिक दोष मढ़े गए कि मैं उनके आवागमन पर प्रतिबंध लगाना चाहता हूं, लेकिन उन्होंने वहां दोबारा जाने का फैसला किया।"
उन्होंने कहा, "पुलिस द्वारा जितनी सुरक्षा उन्हें मुहैया कराई जा सकती थी, कराई गई।"
मुशर्रफ देश के पश्चिमोत्तर हिस्से में ड्रोन हमले के भी सख्त खिलाफ हैं। उनका कहना है कि इसके अंधाधुंध इस्तेमाल से हो रहे व्यापक नुकसान से जनता में इसका नकारात्मक असर हो रहा है। उन्होंने न्यूयार्क के टाइम्स स्क्वे यर में नाकाम हमले की साजिश रचने के आरोपी फैसल शहजाद की ओर संकेत करते हुए कहा, "शहजाद के प्रकरण से मैं हैरान हूं..उसे इसी अंधाधुंध बमबारी ने प्रभावित किया।"
मुशर्रफ ने सोशन नेटवर्किं ग साइट फेसबुक पर रोक लगाने के पाक सरकार के फैसले का समर्थन किया। पाक हुकूमत ने यह कदम इसमें कुछ लोगों द्वारा हजरत मोहम्मद का चित्र बनाए जाने के बाद उठाया है।
उन्होंने कहा, "ये बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। हमें समझना चाहिए कि ये संवेदनशील मसले हैं। मीडिया और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की खातिर लाखों लोगों की भावनाओं को आहत नहीं किया जा सकता।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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