हज़ारों विस्थापित, 19 मारे गए, अब बंगाल को ख़तरा

उमर फ़ारूक़
बीबीसी संवाददाता, हैदराबाद
चक्रवाती तूफ़ान 'लैला' ने आंध्र प्रदेश के तटवर्ती ज़िले गुंटूर से टकराने के बाद गुंटूर और प्रकाशम में व्यापक विनाश किया है. पिछले दो दिन के तूफ़ान और भारी वर्षा में 19 लोग मारे गए हैं.
ग़ौरतलब है कि लगभग 51 हज़ार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर 255 राहत शिविरों में पहुँचाया जा चुका है और यह एक कारण रहा है कि जानी नुक़सान सीमित ही रहा है.
मौसम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि चक्रवाती तूफ़ान का आंध्र प्रदेश और पड़ोसी राज्यों पर लगभग 24 घंटे तक असर रहेगा.
अधिकारियों के मुताबिक अब भी प्रभावित क्षेत्र में 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से हवाएँ चल रही हैं. समुद्री लहरें लगभग तीन मीटर ऊँची उठ रही हैं.
पेड़, बिजली के खंभे, अनेक मकान या तो गिर गए हैं या फिर भीषण बारिश के कारण पानी में बह गए हैं.
महत्वपूर्ण है कि पहले अनुमान लगाया जा रहा था कि आंध्र प्रदेश के नौ तटवर्ती ज़िले प्रभावित होंगे लेकिन फिर इस अनुमान में संशोधन कर पाँच ज़िलों तक सीमित कर दिया गया था. असल में अब दो ज़िले - प्रकाशम और गुंटूर ही प्रभावित हैं.
इस तरह श्रीकाकुलम, विजयानगरम, विशाखापत्तनम, पश्चिमी गोदावरी ज़िले इस चक्रवाती तूफ़ान की चपेट से बच निकले हैं और पूर्वी गोदावरी, कृष्णा, नैलौर ज़िलों में आंशिक असर हुआ है.
मौसम विभाग के ताज़ा बुलेटिन के अनुसार जो तूफ़ान आंध्र के ऊपर है वह अब उत्तरी दिशा में बढ़ेगा और उड़ीसा से होते हुए, बंगाल की खाड़ी के उत्तरी छोर से होकर वापस समुद्र में दाख़िल होगा.
मौसम विभाग के अधिकारियों के अनुसार अब इससे पश्चिमी बंगाल को ख़तरा हो सकता है.
उनका कहना है कि पश्चिमी बंगाल में छह तटवर्ती ज़िलों – उत्तरी और दक्षिणी 24 परगना, पूर्वी मिदनापुर, हावड़ा और हुगली में लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है.












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