ताजमहल में फिर नहीं मिली चिकित्सा सुविधा!
बृज खंडेलवाल
आगरा, 20 मई (आईएएनएस)। कर्नाटक से मुहब्बत की मिसाल ताजमहल को देखने आए एक बुजुर्ग पर्यटक की ताजमहल परिसर में ही दिल के दौरे से हुई मौत के बाद एक बार फिर ये सवाल उठ रहे हैं कि अधिकारी वहां तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध क्यों नहीं करा पाते हैं और हजारों पर्यटकों के यहां पहुंचने के बावजूद यहां एम्बुलेंस की सुविधा क्यों नहीं है।
ताजमहल के एक गाइड ने आईएएनएस को बताया, "उन्हें 45 मिनट बाद ही चिकित्सा सुविधा मिल सकी थी।"
बुजुर्ग पर्यटक को दिल का दौरा पड़ने के समय वहां मौजूद रहे 'आगरा होटल्स एंड रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन' के अध्यक्ष राकेश चौहान ने आईएएनएस को बताया, "यदि उन्हें अस्पताल ले जाने के लिए एक आईसीयू वैन की सुविधा मिल जाती तो उनका जीवन बचाया जा सकता था।"
ताजमहल के एक अधिकारी ने बताया, "ताजमहल में एम्बुलेंस या चिकित्सक की सुविधा नहीं है। हमारे पास प्राथमिक उपचार के लिए केवल दवाओं का एक डिब्बा है।"
अधिकारी ने कहा, "भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) और आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) के अधिकारियों को इस मुद्दे का हल ढूंढ़ना चाहिए था। आदर्श रूप से यहां पार्किं ग स्थल पर एक एम्बुलेंस होनी चाहिए।"
इससे पहले भी भारतीय और विदेशी पर्यटक यहां घायल हो चुके हैं और सीढ़ियों से गिरे भी हैं और ऐसे कई मामलों में प्रभावितों तक इलाज की सुविधा पहुंचाने में देरी होती रही है।
चौहान ने कहा कि उन्होंने शहर के धर्मार्थ संगठनों की मदद से एम्बुलेंस उपलब्ध कराने की बात कही थी लेकिन एएसआई और एडीए से इसके लिए इजाजत नहीं मिल रही है।
उन्होंने कहा, "जो भी एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध कराना चाहता है उसे इसके लिए विशेष अनुमति लेनी पड़ेगी क्योंकि ताज के आस-पास फैले 500 मीटर क्षेत्र में पेट्रोल चलित वाहन रखने की इजाजत नहीं है।"
ताजमहल के पूर्वी द्वार के एक एम्पोरियम मालिक अभिनव जैन कहते हैं, "पिछले साल एएसआई ने घोषणा की थी कि ताज परिसर में एक एम्बुलेंस और एक चिकित्सक हमेशा उपलब्ध रहें लेकिन इस दिशा में आगे कोई काम नहीं किया गया।"
इस साल भीषण गर्मी होने के बावजूद ताजमहल देखने पहुंचने वाले पर्यटकों की संख्या में कोई कमी नहीं आई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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