जुलाई से बांग्लादेश के बंदरगाह पर रुक सकेंगे भारतीय जहाज
न्यू एज समाचार पत्र के मुताबिक बांग्लादेश के राष्ट्रीय राजस्व बोर्ड के सीमा शुल्क विभाग ने बांग्लादेश से भारतीय मालवाहक जहाजों को पारगमन की सुविधा देने के लिए एक सर्कुलर तैयार किया है। बोर्ड ने इसके लिए कानून एवं संसदीय कार्य मंत्रालय को भी प्रस्ताव भेज दिया है।
प्रस्ताव के मुताबिक, भारत के मालवाहक जहाजों को बांग्लादेश के आशुगंज बंदरगाह पर रुक कर उत्तर पूर्वी राज्यों की ओर जाने की सुविधा दी जाएगी।
बांग्लादेश और भारत ने अपनी 4,300 किलोमीटर लंबी सीमा पर उत्पादों के बेहतर और तेज परिवहन के लिए विशेष बंदरगाह स्थापित किए हैं।
बांग्लादेश सरकार 10 जुलाई तक भारतीय जहाजों के पारगमन हेतु परिपत्र जारी कर सकती है। इसकी घोषणा अगले महीने आने वाले बजट में की जा सकती है।
जनवरी में प्रधानमंत्री शेख हसीना की भारत यात्रा के दौरान बांग्लादेश ने आशुगंज बंदरगाह को 'पोर्ट ऑफ कॉल' का दर्जा दिया था।
न्यू एज के मुताबिक बुधवार को जल परिवहन सचिव मोहम्मद अब्दुल मन्नान हालदार ने कहा, "बांग्लादेश से पारगमन सुविधा के तहत किसी तरह के हथियार और गोलाबारूद के परिवहन की इजाजत नहीं होगी।"
बांग्लादेश को पारगमन सेवा के जरिए प्रति वर्ष 32 टका (4.6 करोड़ डॉलर) का राजस्व मिलने की उम्मीद है। त्रिपुरा में बन रहे विद्युत संयंत्र की निर्माण सामग्री के परिवहन से बांग्लादेश को यह राजस्व मिलने की शुरुआत हो सकती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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