ग्रीनलैंड में बर्फ पिघलना खतरे की घंटी
ग्रीनलैंड का ज्यादातर हिस्सा दो किलोमीटर से भी अधिक मोटी बर्फ की तह से ढकी रहती है। ग्रीनलैंड द्वीप अटलांटिक महासागर में कनाडा के उत्तर पूर्व में स्थित है।
मियामी रोसेंटियल स्कूल ऑफ मराइन एंड एटोम्सफेरिक साइंस (आरएसएमएएस) विश्वविद्यालय द्वारा किए गए एक अध्ययन के बाद बताया गया है कि ग्रीनलैंड के कुछ तटीय क्षेत्रों में प्रति वर्ष लगभग एक इंच बर्फ पिघलती जा रही है।
मियामी विश्विविद्यालय के भूगोल विभाग के प्रोफेसर टिम डिक्सन ने बताया,"ग्रीनलैंड में बर्फ का पिघलना जारी है। मौजूदा हालात को देखते हुए वर्ष 2025 के बाद बर्फ पिघलने का स्तर प्रति वर्ष दो इंच हो सकते हैं।"
डिक्सन ने बताया कि पिछले कई वर्षों से जलवायु परिवर्तन की वजह से ग्रीनलैंड में बर्फ पिघलने का दौर तीव्र गति से जारी है।
उन्होंने बताया, "ग्रीनलैंड में जिस तेजी से बर्फ पिघल रहा है यह आश्चर्य भी है और थोड़ा चिंताजनक भी। हम वास्तव में इसके लिए जिम्मेदार है। फिलहाल बर्फ पिघलने की गति काफी तेज है।"
गौरतलब है कि अध्ययन के पीछे का विचार यह था कि ग्रीनलैंड में बर्फ तेजी से पिघल रही है। बर्फ पिघलने का कारण बर्फ की मोटी तह के नीचे पथरीली सतह बताया गया था।
आरएसएमएएस के एसोसिएट प्रोफेसर एवं अध्ययन के सह लेखक शिमोन वडोविन्स्की ने बताया कि ग्रीनलैंड की बर्फ की तहें प्रभावित हो रही है।
ग्रीनलैंड के हिमाच्छिादित क्षेत्र को पूरी तरह से पिघलने में सैकड़ों वर्ष लगेंगे लेकिन अगर ये क्षेत्र एक बार पूरी तरह पिघल गया तो महासागरों का जलस्तर कई मीटर बढ जाएगा जिससे विश्व का अधिकांश भूभाग जलमग्न हो जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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