सीएनजी के दाम में 20 फीसदी इजाफा संभव (लीड-2)
इस संबंध में बुधवार को घोषणा की गई कि सार्वजनिक क्षेत्र की दो गैस कंपनियों की बिक्री दर को सरकार ने लगभग दो गुना कर दिया है।
प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की एक बैठक के बाद केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने संवाददाताओं से कहा, "कैबिनेट ने प्राकृतिक गैस की प्रशासित मूल्य व्यवस्था में संशोधन को मंजूरी देते हुए मौजूदा कीमत 3,200 मिलियन स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर (एमएससीएम) को बढ़ाकर 6818 एमएससीएम कर दिया है।"
यह बढ़ोतरी तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम और ऑयल इंडिया लिमिटेड द्वारा उत्पादन किए जाने वाले प्राकृतिक गैस से संबंधित है। ये ऊर्जा और उवर्रक क्षेत्रों में करीब 90 फीसदी प्राकृतिक गैस की आपूर्ति करती हैं। ऊर्जा क्षेत्र पर इस बढ़ोतरी का मामूली असर पड़ेगा जबकि उवर्रकों के बिक्री मूल्य इससे अप्रभावित रहेंगे।
पूर्वोत्तर के उपभोक्ताओं को सरकार 40 फीसदी सब्सिडी देगी।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव अपूर्व चंद्रा ने संवाददाताओं से कहा कि इस बढ़ोतरी के परिणाम स्वरूप दिल्ली और मुंबई में उपभोक्ताओं के लिए सीएनजी 20 फीसदी महंगी हो सकती है।
चंद्रा ने कहा, "पीएनजी की कीमतों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। पीएनजी की कीमतों का सीधा संबंध रसोई गैस की कीमतों से है।"
उन्होंने कहा कि गैस संचालित ऊर्जा संयंत्रों से उत्पन्न होने वाली बिजली की कीमतों में करीब 2.5 फीसदी का इजाफा हो सकता है।
चंद्रा ने कहा कि नई कीमत 6,818 रुपये एमएससीएम सरकार द्वारा कृष्णा गोदावरी बेसिन से निकलने वाली प्राकृतिक गैस के लिए तय की गई कीमत 7,500 एमएससीएम के निकट है।
ओएनजीसी और ओआईएल ने पिछली बार वर्ष 2005 में प्राकृतिक गैस की कीमतों में इजाफा किया था। मौजूदा इजाफा 31 मार्च 2014 तक वैध रहेगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications