बिहार में नक्सलियों के बंद से यातायात सर्वाधिक प्रभावित (लीड-1)
बंद का सबसे अधिक प्रभाव औरंगाबाद, गया, रोहतास, जमुई, अरवल तथा जहानाबाद जिलों में देखा गया। राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश दुकानें बंद रहीं। कई इलाकों में बंद का असर सरकारी दफ्तरों में भी देखा गया। बंद के कारण लंबी दूरी की बसें तथा ग्रामीण क्षेत्रों में वाहन नहीं चले। रेलवे ने पलामू एक्सप्रेस सहित छह से ज्यादा रेलगाड़ियों को रद्द कर दिया और कई के मार्ग में बदलाव किया।
राज्य के अपर पुलिस महानिदेशक पी़ क़े ठाकुर ने बुधवार को बताया कि बंद के दौरान कहीं से अभी तक बड़ी घटना की सूचना नहीं है। उन्होंने कहा कि गया-मुगलसराय रेल खंड में पटरी पर बम मिलने के बाद रेल लाइनों तथा सड़क मागरें पर पुलिस गश्त बढ़ा दी गई। कुछ रेल मागरें पर पायलट इंजन से पटरियों की जांच की जा रही है।
गया-मुगलसराय रेलखंड पर इस्माइलपुर और गुरारू रेलवे स्टेशन के बीच बुधवार को सुबह सुरक्षा बलों ने दो बम बरामद किए। इससे पहले नक्सलियों की धमकी के बाद इस क्षेत्र में रेलगाड़ियों का आवागमन रोक दिया गया था।
पुलिस के अनुसार मंगलवार देर रात गया जिले के गुरारू और इस्माइलपुर रेलवे स्टेशन के बीच गुमटी नंबर 13 पर नक्सलियों के धावा बोला और गुमटी पर तैनात रेलकर्मी को रेलगाड़ियों का परिचालन बंद करने की चेतावनी दी। इसके बाद सुरक्षा के दृष्टिकोण से रेलों का परिचालन रोक दिया गया।
बुधवार की सुबह पुलिस ने रेल पटरियों के निरीक्षण के दौरान दो बम बरामद किए। गया के राजकीय रेलवे पुलिस पुलिस उपाधीक्षक विजय कुमार ने बताया कि सुरक्षा बलों ने पोल संख्या 12 के नजदीक से दो शक्तिशाली बम बरामद किए। उनको निष्क्रिय कर दिया गया।
इस रेलखंड पर सुबह पांच बजे से रेलगाड़ियों का परिचालन प्रारंभ कर दिया गया। परिचालन रोक दिए जाने से दो राजधानी एक्सप्रेस सहित छह रेलगाड़ियों को विभिन्न स्टेशनों पर रोक दिया गया था।
नक्सलियों ने मंगलवार की रात औरंगाबाद जिले के जोगिया थाना क्षेत्र में दो ट्रैक्टरों को आग के हवाले कर दिया था।
नक्सलियों ने मंगलवार से पांच राज्यों- बिहार, झारखण्ड, उड़ीसा, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल में दो दिवसीय बंद का आह्वान किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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