थाईलैंड में प्रदर्शन समाप्त, नेताओं ने किया आत्मसमर्पण (लीड-5)
बैंकाक, 19 मई (आईएएनएस)। थाईलैंड की राजधानी बैंकाक में पिछले नौ सप्ताह से रेड शर्ट्स द्वारा जारी सरकार विरोधी प्रदर्शन बुधवार को मुख्य प्रदर्शन स्थल पर सुरक्षाबलों की कार्रवाई शुरू होने के बाद समाप्त हो गया। झड़पों में एक इतालवी पत्रकार की भी मौत हो गई जबकि प्रदर्शनकारी नेताओं को आत्मसमर्पण के लिए विवश होना पड़ा, लेकिन उन्होंने संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया है।
समाचार एजेंसी एकेआई के अनुसार बुधवार की झड़पों में मारे गए कम से कम पांच लोगों में इतालवी फोटो पत्रकार फेबियो पोलेंघी भी शामिल हैं।
इतालवी विदेश मंत्रालय ने पोलेंघी के मारे जाने की पुष्टि की है। 45 वर्षीय पोलेंघी वर्ष 2004 से स्वतंत्र फोटो पत्रकार थे। वह तीन महीने पहले थाईलैंड आए थे।
नाथावुट सैकुआ, जेतुपोर्न प्रोमपेम सहित यूनाइटेड फ्रंट फॉर डेमोक्रेसी अगेंस्ट डिक्टेटरशिप (यूडीडी)के कई प्रमुख नेताओं ने रॉयल थाई पुलिस मुख्यालय में आत्मसमर्पण कर दिया।
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार आत्मसमर्पण करने से चंद मिनट पूर्व नाथावुट ने कहा, "मेरी ज्यादा चिंता न करें। मैं सुरक्षित रहूंगा। प्रदर्शन शुरू होने के बाद से ही पुलिस का रवैया हमारे साथ मैत्रीपूर्ण रहा है।"
जेतुपोर्न ने कहा, "प्रशासन के समक्ष हमारे आत्ममसर्पण करने का अर्थ यह नहीं है कि हम हार गए। हम फिर लड़ेंगे।"
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, प्रदर्शनस्थल पर मौजूद रेडशर्ट्स नेताओं के हवाले से नाथावुट ने कहा कि और लोगों को जान न गंवानी पड़े, इसलिए यह प्रदर्शन समाप्त किया जा रहा है। हालांकि उन्होंने कहा कि रेड शर्ट्स अपना संघर्ष जारी रखेगा।
नौ हफ्ते तक चले प्रदर्शन के दौरान जबरदस्त झड़पे हुईं। इस दौरान 68 लोग मारे गए और 1400 से ज्यादा घायल हो गए।
प्रदर्शनकारी मांग कर रहे हैं कि प्रधानमंत्री अभिसित वेज्जाजीवा संसद को भंग कर नए चुनाव कराएं। जब वह तीन मई को आगामी 14 नवंबर को चुनाव कराने पर राजी हो गए थे, प्रदर्शनकारियों ने नई मांगें रख दी थीं और आखिरकार वेज्जाजीवा ने शांति प्रस्ताव वापस ले लिया था।
रेडशर्ट प्रदर्शनकारियों द्वारा आंदोलन समाप्ति की घोषणा के बाद सुरक्षा बलों ने मुख्य प्रदर्शन स्थल की ओर बढ़ना रोक दिया है। ज्यादातर प्रदर्शनकारी वहां से जा चुके हैं।
इस बीच रक्षा मंत्री जनरल प्रावित वोंग्सुवॉन ने कहा है कि बुधवार रात पूरे बैंकाक में कर्फ्यू रहेगा। प्रदर्शनकारी के नेताओं के आत्मसमर्पण के बावजूद शहर भर में हिंसा थमी नहीं हैं।
स्काईट्रेन अशोक स्टेशन के समीप एक बस फूंक दी गई है और शहर के विभिन्न स्थानों से धुंआ उठ रहा है। थाई संवाद समिति ने खबर दी है कि अकेले दिंग दाएंग में ही कम से कम 20 जगहों पर आग लगी है।
रामा फोर और सिलोम रोड चौराहे पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने अवरोधकों को हटाने के लिए बख्तरबंद गाड़ियों का इस्तेमाल किया।
मुख्य प्रदर्शन स्थल के करीब चंद मिनट पहले सरासिन में एक बम विस्फोट हुआ जिसमें पांच थाई सैनिक घायल हो गए। राशापरासांग के निकट प्रदर्शनकारियों ने एक शॉपिंग सेंटर के परिसर को आग लगा दी। एएसटीवी के अनुसार सियाम पैरागान के एक शॉपिंग परिसर में भी आग लगा दी गई। दोनों स्थानों की आग पर काबू पाया जा चुका है। अस्पताल के सूत्रों के अनुसार सुबह शुरू हुई झड़पों में कम से कम 16 लोग घायल हुए हैं।
सरकार के प्रवक्ता पानितन वत्तनायागोर्न ने लुम्बिनी पार्क पर कब्जे के प्रयास को सफल करार दिया है।
इससे पहले थाई सीनेट का मंगलवार को प्रदर्शनकारियों और सरकार के बीच मध्यस्थता का प्रयास नाकाम हो गया था। प्रदर्शनकारी दो महीने के अपने आंदोलन के दौरान अपने बहुत से साथियों के मारे जाने से नाराज थे। उन्होंने सीनेट के मध्यस्थता प्रस्ताव को खारिज कर दिया।
प्रधानमंत्री ने जोर दिया है कि सरकार के प्रदर्शनकारियों के साथ वार्ता शुरू करने से पहले प्रदर्शन थम जाने चाहिए।
बैंकाक के प्रदर्शनकारियों के प्रति सहानुभूति रखने वाले लोगों के कई पूर्वोत्तर राज्यों में जमा होने की खबर है। एक अन्य सरकार विरोधी गुट के सदस्य बैंकाक के उत्तरी हिस्से में जमा हो गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सुरक्षाबलों को मुख्य प्रदर्शन स्थल में दाखिल न होने की चेतावनी दी है।
सरकारी अधिकारी का कहना है कि सेना द्वारा वर्ष 2006 में सत्ता से बेदखल किए गए भगोड़े पूर्व प्रधानमंत्री थाकसिन शिनावात्रा प्रदर्शनकारियों को राजनीतिक और वित्तीय समर्थन दे रहे हैं। सरकार का कहना है कि शिनावात्रा अपने निजी लक्ष्यों को पूरा करने के लिए प्रदर्शन खत्म करने का विरोध कर रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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