अफजल की याचिका पर दिल्ली सरकार में मंत्रणा शुरू
नई दिल्ली, 19 मई (आईएएनएस)। दिल्ली सरकार ने 13 दिसम्बर 2001 को संसद पर हुए हमले के लिए दोषी ठहराए गए अफजल गुरु की रहम की याचिका पर बुधवार को विचार-विमर्श शुरू कर दिया। दिल्ली के उपराज्यपाल तेजेंद्र खन्ना द्वारा मांगे गए अतिरिक्त स्पष्टीकरण का जवाब देने के लिए यह मंत्रणा हो रही है।
एक आधिकारिक सूत्र ने बताया, "विचार-विमर्श जारी है और अफजल की फाइल जल्द से जल्द उपराज्यपाल को लौटा दी जाएगी।"
दिल्ली सरकार ने केंद्र सरकार द्वारा 16 बार याद कराए जाने के बावजूद करीब चार साल तक यह फाइल अपने पास रोके रखने के बाद मंगलवार को उपराज्यपाल के पास भेजी थी। लेकिन खन्ना ने चंद मिनट बाद ही कुछ स्पष्टीकरणों की मांग करते हुए यह फाइल उसे दोबारा लौटा दी।
सरकार ने अफजल को फांसी दिए जाने का विरोध नहीं किया है लेकिन उसकी सजा-ए मौत के मद्देनजर कानून एवं व्यवस्था के बारे में चिंता व्यक्त की है।
कश्मीर घाटी के सोपोर का निवासी अफजल को भारतीय संसद पर हमले के दोषी ठहराया गया था। निचली अदालत ने उसे दिसम्बर 2002 में मृत्युदंड सुनाया था। दिल्ली उच्च न्यायालय ने अक्टूबर 2003 में उसे सुनाए गए मृत्युदंड की पुष्टि की थी।
वर्ष 2005 में सर्वोच्च न्यायालय ने इस हमले में अफजल की भूमिका स्वीकार करते हुए उसका मृत्युदंड बरकरार रखा था। अफजल की पत्नी तब्बसुम ने सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद रहम की याचिका दाखिल की थी।
प्रक्रिया के मुताबिक राष्ट्रपति ने 2005 में रहम याचिका पर गृहमंत्रायल की राय मांगी थी।
रहम की याचिका की प्रक्रिया के तहत गृहमंत्रालय को उस राज्य की भी टिप्पणी की जरूरत होती है, जिसके अधिकार क्षेत्र में उस अपराध को अंजाम दिया गया होता है, जिसकी वजह से दोषी को मृत्युदंड सुनाया जाता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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