दंतेवाड़ा हमला : जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं घायल
दंतेवाड़ा के पुलिस अधीक्षक अमरेश मिश्रा ने आईएएनएस से कहा, "अब तक हमने 31 शव बरामद कर लिए हैं, जिसमें एसपीओ और नागरिक शामिल हैं। कई शव क्षत-विक्षत अवस्था में मिले, इसी वजह से शवों की शिनाख्त मुश्किल हो रही है, लेकिन मरने वाले एसपीओ की संख्या बढ़कर 10 हो गई है।"
मिश्रा ने कहा, "मृतकों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि हमें खबर मिली है कि स्थानीय लोगों की सहायता से पांच नागरिकों के शव बरामद किए गए हैं। 15 घायलों में से 14 एसपीओ की हालत नाजुक बनी हुई है। घायलों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती करवाया गया है।"
मिश्रा ने कहा, "हमले में घायल 25 अन्य नागरिकों को मामूली चोटें लगी थी। पुलिस को सूचित किए बगैर वे अपने घर लौट चुके हैं। हम उनके घरों का पता लगा रहे हैं ताकि उन्हें चिकित्सा सुविधा मुहैया कराया जा सके।"
छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक विश्व रंजन ने कहा कि हमले में मारे गए एसपीओ कोया कमांडो से जुड़े थे। ये सभी नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने कहा, "कई महीने से नक्सली कोया कमांडो को निशाना बनाने की साजिश रच रहे थे।"
रंजन ने कहा कि राज्य में लगभग 3,500 एसपीओ स्थानीय युवक हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र में एसपीओ की भर्ती की जाएगी। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि उनका मानना है कि नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई में एसपीओ की सहायता बेहद जरूरी है।
गौरतलब है कि सोमवार शाम रायपुर से करीब 450 किलोमीटर दूर दंतेवाड़ा-सुकना रोड पर विस्फोट के बाद बस करीब 20 फुट ऊपर तक उछल गई थी। नक्सलियों ने विस्फोट में इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) का इस्तेमाल किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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