नक्सलियों पर सोनिया के बयान का स्वागत
बुद्धिजीवियों ने एक संयुक्त बयान में यहां कहा, "हम इस बयान का स्वागत करते हैं कि जनजातीय इलाकों की घोर उपेक्षा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में वर्तमान समस्या की जड़ है।"
बयान में कहा गया है, "हम उम्मीद करते हैं कि इस बयान के बाद नक्सलवाद की समस्या पर गहराई से चर्चा होगी और युद्ध जैसी स्थिति पर तत्काल नियंत्रण करने और संवाद की प्रक्रिया शुरू करने का रास्ता सामने आएगा, ताकि जन केंद्रित विकास को बढ़ावा दिया जा सके।"
बयान पर हस्ताक्षर करने वालों में सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश द्वय वी.आर.कृष्णा अय्यर व पी.बी.सावंत, कवि द्वय शंकर घोष व जॉय गोस्वामी, लेखक द्वय महाश्वेता देवी व अरुं धती रॉय, इतिहासकार रोमिला थापर, नाटककार बिभास चक्रबर्ती, पुर्तगाल में भारत की राजदूत रह चुकीं मधु भादुड़ी, विद्वानों में अमित भादुड़ी, अमित भट्टाचार्य, पी.के. विजयन व रणधीर सिंह तथा सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता प्रशांत भूषण शामिल हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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