एमनेस्टी इंटरनेशनल का दल कश्मीरी अलगाववादी नेता से मिला

बिक्रम जे.बत्रा और रमेश गोपाल कृषेन का यह दल मानवाधिकारों की स्थिति का आकलन करने के लिए छह दिवसीय दौरे पर सोमवार को श्रीनगर पहुंचा। वे अपना ध्यान निवारक नजरबंदियों पर केंद्रित करेंगे।

फारूक ने उनके दौरे का स्वागत किया और कहा, "टीम कश्मीर में जमीनी हकीकत को देखेगी और उसके अनुसार रिपोर्ट भेजेगी।"

एमनेस्टी के दल ने पिछले कई महीनों से निवारक नजरबंदी के रखे गए अलगाववादी नेता शब्बीर अहमद के घर का भी दौरा किया।

एमनेस्टी इंटरनेशनल पहले भी जम्मू एवं कश्मीर में मानवाधिकारों के उल्लंघन पर अपनी रिपोर्ट दे चुका है और सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून (एएफएसपीए) को हटाने की मांग कर चुका है।

हुर्रियत के एक अन्य धड़े के अध्यक्ष सैयद अली शाह गिलानी ने दल के दौरे पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इसके दोनों सदस्य भारतीय नागरिक हैं। गिलानी को भय है कि राष्ट्रीय हितों को देखते हुए वे सच की अनदेखी करेंगे।

गिलानी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया जताते हुए बत्रा ने कहा कि दल के दौरे के बारे में पहले से ही विचार बना लेने से केवल गलतफहमी पैदा होगी।

एमनेस्टी दल के सदस्य सरकारी अधिकारियों, नागरिक संगठनों के सदस्यों और स्थानीय मानवाधिकार कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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