गोवा विस्फोट मामले में 11 के खिलाफ आरोप पत्र
बहरहाल संस्था ने स्वयं को इस मामले में क्लीनचिट देते हुए कहा कि उसका नाम षड्यंत्रकारियों की सूची में नहीं शामिल किया गया है। आरोपी षड्यंत्र रचने, हथियार जुटाने और राज्य के खिलाफ युद्ध छेड़ने के आरोपों का सामना कर रहे हैं।
सभी 11 आरोपी दक्षिणपंथी हिंदू संगठन सनातन संस्था के सदस्य हैं। इसके सदस्यों का संबंध कुछ वर्ष पहले महाराष्ट्र में कई कम क्षमता के बम विस्फोटों में भी पाया गया था। सत्र न्यायाधीश यू.वी.बाकरे के समक्ष 3,000 पेज का आरोप-पत्र पेश किया गया।
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जांच एजेंसी ने आरोपियों में सनातन संस्था के उन दो सदस्यों को भी शामिल किया है जो 16 अक्टूबर 2009 को बम ले जाते समय दुर्घटनावश हुए विस्फोट में मारे गए थे। मारे गए आरोपियों के नाम मलगोंडा पाटील और योगेश नाइक हैं। आरोप-पत्र में 250 गवाहों के नाम दिए गए हैं। मुकदमे के दौरान स्थानीय न्यायालय में इनकी गवाही होने की संभावना है।
आरोपियों में शामिल विनय तालेकर, विनायक पाटील, धनंजय अश्टेकर और दिलीप मंगावणकर इस समय जेल में हैं। प्रशांत जुवेकर, सारंग अकोलकर, जयप्रकाश, रुद्र पाटील और प्रशांत अश्टेकर नामक आरोपी फरार हैं। ये सभी महाराष्ट्र के निवासी हैं।
सनातन संस्था के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि एनआईए के आरोप पत्र में षड्यंत्रकारियों की सूची में संस्था का नाम नहीं है। संस्था के प्रबंध न्यासी वीरेंद्र मराठे ने आईएएनएस से कहा कि एनआईए ने सनातन संस्था को क्लीन चिट दी है। मराठे ने कहा कि वह हमेशा कहते रहे हैं कि विस्फोटों के पीछे संस्था का कोई हाथ नहीं है। एनआईए का आरोप-पत्र हमारे रुख का प्रमाण है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।













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