विशेषज्ञों ने मायापुरी का दौरा किया
विशेषज्ञों ने मायापुरी के उन कबाड़ डीलरों से मुलाकात की, जहां सबसे पहले विकिरण का मामला सामने आया था।
पर्यावरण के क्षेत्र में काम करने वाली संस्था ग्रीनपीस के विकिरण मामलों के विशेषज्ञ जैन वेंडे पुट्टे ने कहा कि विशेषज्ञों ने वादा किया है कि वे परिशोधन के लिए जल्द से जल्द काम करेंगे और अगामी दो दिनों में उन इलाकों का पता लगाएंगे, जहां विकिरण का सबसे अधिक खतरा है।
ग्रीनपीस ने शुक्रवार को कहा था कि पश्चिमी दिल्ली के मायापुरी इलाके में अत्याधिक विकिरण का खतरा अभी तक बना हुआ है और यह इलाका 'इंसानों के लिए सुरक्षित नहीं है'।
ग्रीनपीस की टीम ने इलाके का दौरा किया था। टीम ने कहा था कि मायापुरी में छह ऐसे इलाके हैं, जहां विकिरण का खतरा अभी भी बना हुआ है, जबकि एईआरबी ने इसे सुरक्षित क्षेत्र घोषित कर रखा है।
उल्लेखनीय है कि पिछले महीने रेडियोधर्मी विकिरण की चपेट में आए आठ लोगों में से एक की मौत हो चुकी है। छह लोगों का अभी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
मायापुरी में यह विकिरण कोबाल्ट 60 की वजह से हुआ था, जिसे दो माह पूर्व नीलामी के जरिए दिल्ली विश्वविद्यालय से खरीदा गया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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