शेखावत की अंतिम यात्रा में उमड़ा जन सैलाब
शेखावत के आवास पर उनके पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन के लिए सुबह से लोगों का तांता लग गया। पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष नितिन गडकरी, गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत शेखावत की अंतिम यात्रा में शामिल हुए।
शेखावत का शनिवार का यहां के एक अस्पताल में निधन हो गया। वह 86 वर्ष के थे। उन्हें बेचैनी और सांस लेने में तकलीफ की वजह से गुरुवार को जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। उन्हें शनिवार तड़के जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया था।
अस्पताल सूत्रों के अनुसार शेखावत को शनिवार सुबह 11.10 बजे मृत घोषित किया गया था। उनके परिवार में पत्नी सूरज कंवर और एक बेटी हैं।
शेखावत का पार्थिव शरीर सबसे पहले भाजपा की प्रदेश इकाई के मुख्यालय में लाया गया था, जहां कई लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। फूलों से सजा वाहन, जिसमें शेखावत का पार्थिव शरीर था, शहर से गुजरा तो लोगों की आंखें नम हो गई। पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन के लिए सड़कों पर हजारों लोग इकट्ठा हो गए।
जयपुर के सड़कों पर 'भैरोसिंह अमर रहे.अमर रहे' और 'राजस्थान का एक ही सिंह, भैरोसिंह.भैरोसिंह' की गूंज सुनाई दी। उनका अंतिम संस्कार विद्यानगर स्टेडियम के समीप किया जाएगा, जहां एक स्मारक का भी निर्माण किया जाएगा।
शेखावत राजस्थान के सबसे अधिक लोकप्रिय नेताओं में एक थे। उन्होंने वर्ष 1952 में राजनीति में कदम रखा था। भाजपा के राजस्थान इकाई के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने कहा, "उन्हें लोगों से मिलना अच्छा लगता था। वह लोगों की बातें और उनकी समस्याएं सुना करते थे। यह उनके दैनिक कामकाजों में शामिल था।"
शेखावत का जन्म 23 अक्टबूर, 1923 को राजस्थान के सीकर जिले के खचरियावास गांव में हुआ था। वह तीन बार वर्ष 1977-1980, 1990-1992 और 1993-1998 में राज्य के मुख्यमंत्री रहे थे।
उपराष्ट्रपति कृष्णकांत के निधन के बाद शेखावत देश के 11वें उपराष्ट्रपति चुने गए थे। वह अगस्त, 2002 से जुलाई, 2007 तक उपराष्ट्रपति पद पर रहे। वर्ष 2007 में वह राष्ट्रपति चुनाव में पराजित हो गए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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