कृष्णा के ईरान दौरे पर अमेरिका की निगाहें

अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता फिलिप क्राउली ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा, "हम समझते हैं कि ईरान पर दबाव बढ़ाने का वक्त आ गया है और हमें लगता है कि उसे गंभीरता से वार्ता में शामिल करने का यही एक तरीका है।"
यह पूछने पर ब्रिटिश विदेश मंत्री विलियम हेग की तरह 'ईरान के परमाणु कार्यक्रम के संबंध में एक कड़ा और संयुक्त संदेश भेजने की आवश्यकता' के बारे में क्या भारत के साथ भी किसी स्तर पर कोई सहमति हुई है, क्राउली ने कहा, "मेरी जानकारी में नहीं।"
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क्राउली ने कहा कि इस सप्ताह अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई से हुई वार्ता के दौरान ईरान का संदर्भ आया क्योंकि वह अफगानिस्तान का पड़ोसी है। करजई के साथ कई देशों से जुड़े विस्तृत मुद्दों पर चर्चा हुई।
कृष्णा के ईरान दौरे पर टिप्पणी के लिए कहे जाने पर क्राउली ने कहा, "तेहरान में इस सप्ताहांत होने वाली मुलाकात पर हमारी पैनी नजर होगी। परंतु जैसा कि विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा है, हमे संदेह है कि ईरान अपना व्यवहार बदलने जा रहा है।" उन्होंने कहा कि ईरान पर दबाव बढ़ाने का यह सबसे सही समय है और यह उसे वार्ता प्रक्रिया में शामिल करने का सबसे अच्छा रास्ता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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