आनंद मोहन सिंह की जमानत याचिका खारिज
नई दिल्ली, 14 मई (आईएएनएस)। बिहार के एक जिलाधिकारी की 1994 में हुई हत्या के अरोप में उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व सांसद आनंद मोहन सिंह की जमानत याचिका सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को खारिज कर दी।
न्यायमूर्ति दलवीर सिंह भंडारी और न्यायमूर्ति अनिल आर. दवे की खण्डपीठ ने सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी। याचिका में सिंह ने अपनी आजादी के अधिकार को बहाल करने की मांग की थी। अदालत ने कहा, "स्वतंत्रता वाकई में प्रिय है, लेकिन यह स्वतंत्रता उन अन्य लोगों के लिए भी प्रिय है, जिन्होंने दम तोड़ दिया।"
अदालत ने यह बात तब कही, जब वरिष्ठ अधिवक्ता के.टी.एस.तुलसी ने सिंह की जमानत याचिका के लिए आग्रह करते हुए कहा, "मैं जानता हूं कि इस अदालत को स्वतंत्रता बहुत प्रिय है। लिहाजा अदालत को सिंह की स्वतंत्रता के अधिकार को बहाल कर उन्हें जमानत दे देनी चाहिए।"
ज्ञात हो कि मोहन को पांच दिसंबर 1994 को गोपालगंज के जिला अधिकारी जी. कृष्णया की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।
तुलसी ने कहा कि उनका मुवक्किल बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के राजनीतिक प्रतिशोध का शिकार है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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