कलर्स के जवाब से संतुष्ट नहीं है महिला आयोग
आयोग की अध्यक्ष गिरिजा व्यास ने आईएएनएस से कहा, "कलर्स टीवी ने हमारे नोटिस का जवाब भेजा है, मैंने इस जवाब को पढ़ा है लेकिन उन्होंने जो लिखा है उससे मैं संतुष्ट नहीं हूं। हम इस मामले में आगे कार्रवाई करेंगे।"
'ना आना इस देस लाडो' का कलर्स चैनल पर प्रसारण होता है। इसमें कन्याओं को जन्म के बाद मार देने का मुद्दा उठाया गया है।
आयोग ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के परामर्श पर धारावाहिक पर कड़ी आपत्ति जताई थी और कहा था कि इसमें महिलाओं को दयनीय स्थिति में दिखाया गया है। आयोग ने इस संबंध में चैनल से जवाब मांगा था।
पिछले महीने धारावाहिक के निर्माताओं और चैनल को एक नोटिस जारी किया गया था।
व्यास ने कहा, "यह एक अपमानजनक धारावाहिक है जो महिलाओं के शील को भंग करता है। इससे सार्वजनिक नैतिकता के वंचित और भ्रष्ट होने की संभावना है और इस तरह के धारावाहिक 'इंडीसेंट रिप्रजेंटेशन ऑफ वूमेन (प्रोहिबिशन) एक्ट, 1986' और 'केबल टीवी नेटवर्क (रेग्यूलेशन) एक्ट, 1995' का उल्लंघन करते हैं।"
उन्होंने कहा कि आयोग ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को लिखा है और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के समक्ष इस मामले को उठाने जा रहा है।
एनएचआरसी के एक सदस्य पी. सी. शर्मा ने का कहना है, "एक विषय पर जागरूकता फैलाने और उस पर किसी जघन्य कृत्य के महिमा मंडन में फर्क है। इस तरह के धारावाहिक दूसरी श्रेणी में आते हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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