तालिबान नेताओं से बातचीत पर ओबामा को नहीं आपत्ति
वाशिंगटन, 13 मई (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने संकेत दिया है कि अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई शांति बहाली करने की कोशिशों के तहत यदि तालिबान नेताओं से बातचीत करते हैं तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।
अमेरिका के दौरे पर आए करजई से 45 मिनट की मुलाकात के बाद ओबामा ने एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा, "अमेरिका और अफगानिस्तान के बीच रिश्तों में तनाव संबंधी खबरों में से अधिकांश को बढ़ाचढ़ा कर पेश किया गया।"
दोनों नेताओं ने कहा कि तनाव बढ़ना तय था और अफगान सरकार में भ्रष्टाचार तथा अमेरिकी नेतृत्व वाली सेना के हमलों में नागरिकों की मौतों जैसी आपसी समस्याओं से निपटा जाना अभी शेष है।
करजई पिछले दो दिनों से रणनीतिक वार्ता के लिए अमेरिका में हैं। इस दौरान उन्होंने विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन, रक्षा मंत्री रॉबर्ट गेट्स और वरिष्ठ सैनिक अधिकारियों से मुलाकात की।
अपनी टिप्पणी में करजई ने कहा कि आतंकवादियों को पराजित करने, सरकार से भ्रष्टाचार खत्म करने और जुलाई 2011 से अमेरिकी सेनाओं की वापसी शुरू कर सकने के लिए एक मजबूत सेना के गठन के व्हाइट हाउस के लक्ष्यों को पूरा करने में सहयोग देने के लिए वह प्रतिबद्ध हैं।
करजई ने कहा, "हम एक साथ आतंकवादियों के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। इसमें हम कभी खुश होते हैं तो कभी नहीं भी खुश होते हैं। एक समान उद्देश्य के लिए यह पारस्परिक संबंध है।"
ओबामा ने संकेत दिया कि करजई की कुछ तालिबान नेताओं से शांति वार्ता की योजना पर उनको आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि कबायली बुजुर्गो की सभा जिरगा भविष्य में वार्ता के लिए आधार उपलब्ध कराएगी।
ओबामा ने कहा, "हम लंबे समय से अफगान संविधान,कानून का शासन, मानव अधिकारों का सम्मान करने की बात कहते रहे हैं, इसलिए अगर वे हिंसा और अलकायदा के साथ अपने संबंधों को छोड़ने के इच्छुक हैं तो करजई को अफगान समाज के उन तत्वों या व्यक्तियों से बात करने के लिए सक्षम होना चाहिए।"
उन्होंने कहा कि इन वार्ताओं से अधिकतम लाभ के लिए गठबंधन को तालिबान के खिलाफ अधिक सफल होने की जरूरत है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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