प्रभाकरण की मां से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करेगा सर्वोच्च न्यायालय
चेन्नई के एक वकील और याचिकाकर्ता आर. कुरुप्पन ने अदालत से अपील की है कि वह केंद्र सरकार को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दे कि वैध वीजा से भारत में आने वाले किसी भी विदेशी को जबरन निर्वासित नहीं किया जाएगा।
यह याचिका केंद्र सरकार के उस निर्णय के खिलाफ है जिसके तहत प्रभाकरण की मां पार्वतीअम्माल को मलेशिया से चेन्नई आने पर उन्हें वापस भेज दिया गया था।
कुरुप्पन ने दावा किया कि मलेशिया में भारतीय उच्चायोग द्वारा वैध वीजा जारी किए जाने के बावजूद उन्हें वापस मलेशिया भेज दिया गया।
मद्रास उच्च न्यायालय वकील संघ (एमएचसीसीए) के पूर्व अध्यक्ष करुप्पन ने कहा कि वर्ष 2003 में भारत छोड़ने से पहले प्रभाकरण की मां यहां 15 साल से रह रहीं थीं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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