मृत्युदंड पाए मंगेतर से निकाह करेगी लाइबा
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार लाइबा ने लाहौर उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की थी। इसमें उसने अपने मंगेतर अतीक-उर-रहमान से शादी करने की इजाजत मांगी थी। अतीक को वर्ष 2002 में फिरौती के लिए अपहरण के एक मामले में मौत की सजा सुनाई गई थी। अतीक ने इस फैसले को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी है।
उच्च न्यायालय ने बुधवार को जेल अधिकारियों को आदेश दिया कि शादी के लिए पूरे इंतजाम किए जाएं। अदालत ने यह भी कहा कि निकाह का पूरा समारोह जेल प्रमुख के दफ्तर में होगा।
जेल अधिकारियों ने अदालत से कहा कि कारगार अधिनियमों में कैदियों को शादी करने की इजाजत देने का प्रावधान नहीं है। इस पर लाइबा के वकील सैयद मजहर हुसैन का तर्क था कि शादी हर इंसान का बुनियादी हक है और किसी को भी इससे महरूम नहीं रखा जा सकता।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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