परंपरा के बहाने ऑनर किलिंग को सही ठहराना गलत : एनएचआरसी
आयोग ने एक बयान में कहा, "आयोग का नजरिया है कि परंपरा के नाम पर किसी भी व्यक्ति के जीवन के अधिकार का हनन कर कानून को अपने हाथ में लेने का अधिकार किसी को नहीं है।"
खाप पंचायतों द्वारा समान गोत्र में विवाह का विरोध करने के मुद्दे पर आयोग ने कहा कि समान गोत्र में विवाह को प्रतिबंधित करने के लिए हिंदू विवाह कानून में संशोधन का मुद्दा व्यापक चर्चा का विषय है।
आयोग ने कहा कि कानून में संशोधन पर चर्चा में देश के सामाजिक, सांस्कृतिक और परंपरागत पहलुओं के साथ ही संविधान में निहित एक व्यक्ति के स्वतंत्रता के अधिकार को ध्यान में रखना होगा।
एनएचआरसी के महासचिव के.एस.मोनी ने इससे पहले कहा था कि 'ऑनर किलिंग' की संज्ञा को बदलकर 'डिसऑनरेबल किलिंग' कर दिया जाना चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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