रेड्डी बंधुओं को खनन मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत

मगर इसके ही साथ रेड्डी बंधुओं को ये हिदायत भी मिली है कि वो सिर्फ गैर विवादित क्षेत्रों में ही खनन कर सकते हैं और यह इलाका कर्नाटक की सीमा 150 मीटर के अंदर ही होना चाहिए। रेड्डी बंधुओं की तीन कोयला खदानों की जांच के लिए बने एक विशेष पैनल ने रिपोर्ट में कहा है कि जब तक कर्नाटक और आंध्र प्रदेश की सीमाओं का फिर से निर्धारण न हो जाए तब तक इस इलाके में खनन की इजाज़त नहीं दी जानी चाहिए।
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कर्नाटक सरकार में मंत्री जनार्दन रेड्डी की कंपनी ओबुलापुरम माइनिंग ने सुप्रीम कोर्ट से की गई अपील मे कहा था कि दोनों राज्यों की सीमा निर्धारण का मामला लंबा खिंचेगा इसलिए उनकी कंपनी को इस इलाके में खनन की इजाज़त दी जाए। उल्लेखनीय है कि रेड्डी बंधु कर्नाटक और आंध्र प्रदेश की राजनीति में बेहद प्रभावशाली माने जाते हैं। इन पर लौह अयस्क खनन क्षेत्र में अतिक्रमण का आरोप लगा था।












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