यूरोप के कर्ज संकट पर भारत की नजर : आनंद शर्मा (लीड-1)
चाय शोध एसोसिएशन द्वारा आयोजित एक सम्मेलन से इतर केंद्रीय वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा ने संवाददाताओं से कहा, "यूरोपीय संघ (ईयू) के संकट का देश पर कोई बड़ा प्रभाव हमें नहीं दिखा है। हम स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। ईयू स्थिति पर काबू पाने के लिए स्वयं प्रयास कर रहा है और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) उसकी मदद कर रहा है।"
शर्मा ने कहा कि तत्काल ऐसा कोई बड़ा प्रभाव नहीं दिखाई दे रहा है जिससे चिंताजनक हालत पैदा होने की संभावना हो।
ग्रीस के कर्ज संकट के कारण यूरोप में विश्वास का संकट पैदा हो गया है। ईयू और आईएमएफ ने 10 खरब डॉलर के आपात राहत पैकेज की घोषणा की है, इससे दुनिया के वित्तीय बाजारों में स्थिरता आने की और यूरो के बारे में अटकलबाजी रुकने की उम्मीद है।
बहरहाल भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के उप गवर्नर सुबीर गोकर्ण ने सोमवार को कोलकाता में कहा कि ग्रीस के कर्ज संकट के कारण भारत जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं से कम अवधि के लिए पूंजी बाहर जा सकती है।
गोकर्ण ने संवाददाताओं से कहा, "उभरते बाजारों पर इसका असर होगा। वहां से कुछ पूंजी बाहर जा सकती है। भारत की स्थिति उभरती अर्थव्यवस्थाओं में मजबूत है लेकिन हम पूंजी के बाहर जाने से इंकार नहीं कर सकते।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications