अगले चुनाव में हिस्सा लूँगा: मुशर्रफ़

उन्होंने कहा, “मैं जहाँ भी जाता हूँ, मुझे लोग मिलते हैं और कहते हैं कि आप पाकिस्तान के लिए कुछ क्यों नहीं करते और पाकिस्तान वापस क्यों नहीं जाते." मुशर्रफ़ ने आगे कहा, “मेरे समर्थकों में बढ़ोतरी हो रही है और मैंने यह फैसला लिया है कि मैं पाकिस्तान की राजनीति में भाग लूँगा. मैं पाकिस्तान का अगला चुनाव लड़ूँगा चाहे वह मध्यावधि चुनाव हो या पूरे समय बाद का."
राजनीति में भाग लेने के अपने फ़ैसले के बारे में परवेज़ मुशर्रफ ने कहा, “मैं अमरीका के कई शहरों में गया हूँ और ब्रिटेन में पाकिस्तानियों से मिला हूँ, सबने बार बार कहा है कि मुझे पाकिस्तान के लिए कुछ करना चाहिए. इसलिए मैंने यह फैसला लिया है." उन्होंने कहा कि वे राजनीति में आने की अपनी रणनीति के बारे में बाद में बताएँगे.
'रोक नहीं सकते'
एक पाकिस्तानी संस्था ने इस्लामाबाद के नेशनल प्रेस क्लब में एक कार्यक्रम की घोषणा की थी जिसमें परवेज़ मुशर्रफ को वीडियो भाषण देना था लेकिन प्रेस क्लब ने उसकी अनुमति नहीं दी. परवेज़ मुशर्रफ़ ने सोशल नेटवर्किंग साईट फ़ेसबुक पर कहा कि सरकारी दबाव के कारण इस्लामाबाद के नेशनल प्रेस क्लब में कार्यक्रम स्थागित करना पड़ा.
उन्होंने पीपुल्स पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार को आड़े हाथों लिया और कहा कि वह उन्हें पाकिस्तान की सेवा करने से नहीं रोक सकती. विभिन्न टीवी चैनलों पर प्रसारित वीडियो संदेश में परवेज़ मुशर्रफ ने अपने समर्थकों से कहा कि वह एक जुट हो जाएं और वे नियमित रुप से उनसे संपर्क में रहेंगे. मुशर्रफ़ ने बताया कि उन्होंने इसके लिए फ़ेसबुक पर एक पेज बनाया है जिसमें करीब पौने दो लाख प्रशंसक हैं और वे इस पर अपने संदेश देते रहते हैं.
उन्होंने कहा कि वे जल्द पाकिस्तान लौटेंगे और इसके विकास के लिए काम करेंगे. परवेज़ मुशर्रफ ने 18 अगस्त 2008 में राष्ट्रपति पद से उस समय त्याग पत्र दिया था जब आम चुनाव के बाद बनी पीपुल्स पार्टी के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार ने उन के ख़िलाफ महाभियोग लाने का फैसला लिया था.
पाकिस्तान की अदालतों में उनके ख़िलाफ याचिकाएँ भी दर्ज की गई हैं. सुप्रीम कोर्ट ने अपने फ़ैसले में कहा था कि मुशर्रफ द्वारा नवंबर 2007 को लागू किया गया आपातकाल अवैध और असंवैधानिक था.












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