निरुपमा की मां पैरोल पर रिहा, श्राद्धकर्म में पहुंचीं

कोडरमा जेल के अधीक्षक मार्टिन साओ के मुताबिक मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के आदेश पर सुधा पाठक को उनकी बेटी के श्राद्धकर्म में शामिल होने के लिए रिहा किया गया। वह रविवार से तीन दिनों तक श्राद्धकर्म में शामिल हो सकेंगी। इस दौरान सुधा पाठक को सुबह उनके घर भेजा जाएगा और शाम में जेल वापस लाया जाएगा।
निरुपमा की हत्या के आरोप में तीन मई को सुधा को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। निरुपमा के परिजनों के अनुसार हिंदू रीति रिवाज से दिवंगत पत्रकार का क्रियाकर्म और श्रार्धकर्म अगले तीन दिनों तक चलेगा।
उधर कोडरमा पुलिस ने निरुपमा के दोस्त प्रियभांशु रंजन के खिलाफ धोखाधड़ी, बलात्कार और आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया। उनके दोस्तों और सहकर्मियों से भी दिल्ली में पूछताछ के बाद यह केस दर्ज हुआ।
सुसाइड नोट के साथ छेड़छाड़
पुलिस के अनुसार सुसाइड नोट के साथ भी छेड़छाड़ हुई है। निरुपमा के कोडरमा स्थित घर से जो सुसाइड नोट मिला था उसमें तारीख 27 अप्रैल अंकित था लेकिन उसे बदलकर 29 अप्रैल कर दिया गया था। निरुपमा 19 अप्रैल को कोडरमा स्थित घर आई थीं और उन्हें 28 अप्रैल को दिल्ली लौटना था, लेकिन उनका आरक्षित टिकट रद्द करा दिया गया और वह 29 अप्रैल को घर में वह मृत पाई गई।
पुलिस के अनुसार 19 से 28 अप्रैल के बीच निरुपमा ने प्रियभांशु को 33 एसएमएस भेजे थे। कथित तौर पर प्रियभांशु ने सभी एसएमएस मिटा दिए हैं। दिल्ली में पुलिस पूछताछ के दौरान प्रियभांशु ने कहा कि उन्हें केवल एक एसएमएस मिला था। उन्होंने निरूपमा के कोडरमा जाने के बाद कथित तौर पर उनके दिल्ली स्थित कमरे से लैपटॉप और डायरियां उठा ली थीं।












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