सुरक्षाबलों-माओवादियों में मुठभेड़

संदीप साहू
भुवनेश्वर से बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
उड़ीसा के कोरापुट ज़िले में शनिवार की शाम से सुरक्षाबलों और माओवादियों की बीच हुई मुठभेड़ में कई माओवादियों के मारे जाने की ख़बर है.
आधिकारिक तौर पर मृतकों की संख्या की पुष्टि नहीं हो पाई है.
कोरापुट ज़िले के गुमानडी जंगलों में 40 से 50 माओवादी छापामारों के होने की ख़बर मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने इस इलाक़े पर धावा बोल दिया.
दोनों पक्षों के बीच लगभग आधे घंटे तक गोलीबारी होती रही जिसमें कई माओवादियों के मरने का अनुमान लगाया जा रहा है.
माओवादियों के ख़िलाफ़ इस अभियान में आंध्र प्रदेश के विशेष सुरक्षाबल ग्रेहाउंड्स के साथ उड़ीसा के विशेष अभियान दल यानी एसओजी और सीमा सुरक्षाबल के जवानों ने हिस्सा लिया.
दोनों पक्षों के बीच रविवार की सुबह भी गोलियां चलीं जिसके बाद माओवादी जंगल में और अंदर की ओर चले गए.
कोरापुट के एसपी अनूप साहू ने कहा है कि हालांकि घटनास्थल पर कोई लाश नहीं मिली लेकिन कुछ नक्सली मारे गए हैं.
घटनास्थल पर ख़ून के छींटों के अलावा लाशों को घसीटे जाने के निशान भी पाए गए हैं.
आईजी संजीव मारिक के मुताबिक़ मुठभेड़ के बाद शुरू हुए तलाशी अभियान के दौरान घटनास्थल से आठ बारूदी सुरंग, माओवादियों के ज़रिए इस्तेमाल किए गए 12 किटबैग और कुछ अन्य सामान भी बरामद किए गए हैं.
गुमांडी जंगलों में तलाशी अभियान अब भी जारी है.
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक़ हेलिकॉप्टर के ज़रिए माओवादियों की गतिविधियों पर नज़र रखी जा रही है.
कोरापुट ज़िले का नारायणपटना इलाक़ा पिछले कई महीनों से लगभग पूरी तरह से माओवादियों के क़बज़े में है और ये पहला मौक़ा है जब सुरक्षा बलों ने इन जंगलों में प्रवेश किया है.
एक दिन पहले ही पड़ोसी छत्तीसगढ़ राज्य में माओवादियों ने आठ सुरक्षाकर्मियों को मार डाला था.












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