नक्सली हमले में सीआरपीएफ के 8 जवान शहीद (राउंडअप इंट्रो-1)
राज्य के पुलिस महानिदेशक विश्वरंजन ने आईएएनएस को फोन पर बताया, "नक्सलियों ने कोरेताल के जंगली इलाके में एक बुलेट प्रूफ वाहन को बारूदी सुरंग विस्फोट के जरिये उड़ा दिया। हमले में कम से कम आठ जवान मारे गए।"
उन्होंने कहा कि विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि जवानों के अंग जहां-तहां बिखरे पड़े थे।
बारूदी सुरंग विस्फोट के समय पास से एक मोटरसाइकिल से गुजर रहे दो नागरिक घायल हो गए हैं।
विश्वरंजन ने कहा कि हमले में मारे गए जवान सीआरपीएफ की 168वीं बटालियन के थे। जवान आवापल्ली में सीआरपीएफ के विभिन्न शिविरों में राशन वितरण के बाद वापस बीजापुर लौट रहे थे।
उन्होंने कहा कि मृतकों में एक सहायक पुलिस उप निरीक्षक, तीन हवलदार और चार सिपाही शामिल हैं।
बीजापुर, छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से लगभग 480 किलोमीटर दूर स्थित है।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने इसे कायराना हरकत करार दिया है।
छत्तीसगढ़ स्थित आतंकवाद निरोधी जंगल वारफेयर कालेज के निदेशक बी.के. पंवार ने कहा, "सीआरपीएफ के जवान छापामार युद्ध के लिए जारी दिशानिर्देशों की लगातार अनदेखी कर रहे हैं। जबकि उन्हें ताकीद किया गया है कि नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र में इन निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करें। शनिवार को उन्होंने एक ही रास्ते से लौटने की भारी भूल की है।"
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा सीआरपीएफ दल ने युद्ध के नियमों की अनदेखी की जिसकी वजह से वे नक्सलियों के हमलों का निशाना बने।
उन्होंने कहा कि मुझे आश्चर्य हो रहा है कि हमले की आशंका के बावजूद जवान लड़ाई की तैयारी से लैस नहीं थे। जितनी संख्या में वे थे वह भी युद्ध के नियमों की घोर लापरवाही है।
घटनास्थल से 10 किलोमीटर की दूरी पर बीजापुर में स्थित दर्जनों पुलिसकर्मियों ने तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।
यह हमला राज्य के नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र में हुआ है। इसी क्षेत्र में 16 अप्रैल को नक्सलियों ने सीआरपीएफ के 76 जवानों की हत्या कर दी थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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