'आयातित चीनी पर कर से स्थिर होंगी कीमतें'
मवाना सुगर्स के प्रबंध निदेशक सुनील कारिया ने आईएएनएस के साथ बातचीत में कहा, "बाजार में पैदा हुए इन कयासों के कारण कि सरकार कर लगा सकती है, कीमतों में बड़ी अस्थिरता बनी हुई है। आयात कर लगाए जाने से न केवल सस्ती रिफाइन्ड चीनी के अतिरिक्त आयात को रोकने में मदद मिलेगी, बल्कि इससे चीनी की कीमतें भी स्थिर होंगी।"
सरकार ने खुदरा कीमतों को नीचे लाने के लिए पिछले वर्ष चीनी के कर मुक्त आयात की छूट दी थी और आईसक्रीम और बिस्किट उत्पादक जैसे बड़े उपभोक्ताओं के लिए भंडारण की सीमा निर्धारित की थी। लेकिन अब जब अंतर्राष्ट्रीय बाजार में चीनी की कीमतें नीचे आई हैं, तो बड़ी मात्रा में चीनी का आयात किया जा रहा है।
कारिया ने कहा, "उद्योग से जुड़े होने के नाते हम इस बात से चिंतित हैं कि यह न केवल हमें प्रभावित करेगा, बल्कि उपभोक्ताओं और साथ ही किसानों पर भी विपरीत असर डालेगा।"
सरकार ने कहा है कि वह अगले मौसम में चीनी उत्पादन का आकलन करने के बाद ही सितंबर में आयातित चीनी पर कर लगाने के बारे में विचार करेगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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