त्वरित न्यायालयों ने इस वर्ष 26 को सुनाया मृत्युदंड
राज्य पुलिस मुख्यालय के मुताबिक राज्य के विभिन्न त्वरित न्यायालयों ने इस वर्ष अप्रैल महीने तक विभिन्न मामलों में 4,991 आरोपियों को दोषी करार दिया। इनमें से 26 आरोपियों को जहां फांसी की सजा सुनाई गई वहीं 673 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा दी गई। इसके अलावा 208 लोगों को दस वर्ष या उससे ज्यादा की सजा दी गई है।
पुलिस मुख्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि बिहार में वर्ष 2006 से अब तक त्वरित न्यायालयों में कुल 46,836 आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई गई है। इसमें 121 लोगों को फांसी की सजा तथा 8,361 लोगों को आजीवन कारावास और 2,239 लोगों को 10 वर्ष या उससे ज्यादा की सजा सुनाई गई है।
अधिकारी का मानना है कि त्वरित न्यायालयों में मामलों के जल्द निपटारा होने के कारण अपराधियों के मन में भी भय पैदा किया जा सका है तथा न्यायालयों में लंबित पड़े मुकदमों में कमी आई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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