फोंसेका के संसदीय कार्यवाही में शामिल होने पर रोक
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार फोन्सेका को संसद की कार्यवाही में भाग लेने की अनुमति देने से इंकार किए जाने के बाद सरकार और विपक्षी सदस्यों के बीच जमकर हंगामा हुआ।
फोन्सेका की पत्नी अनोमा ने कहा, "संसद जाने की अनुमति न मिलने के विरोध में उन्होंने आज नाश्ता और दोपहर का भोजन नहीं किया।"
सेना की तरफ से कहा गया कि उन्हें बुधवार को कोर्ट मार्शल की कार्रवाई का सामना करना पड़ा और वह संसद की बैठक में शामिल नहीं हो सकते।
उधर फोंसेका की डेमोक्रेटिक नेशनल एलाइंस (डीएनए) का कहना है कि यह बैठक में शामिल होने के उनके अधिकारों का हनन है।
मुख्य विपक्षी दल युनाइटेड नेशनल पार्टी के समर्थन से डीएनए ने फोन्सेका को संसद की कार्यवाही में शामिल होने की अनुमति देने की मांग रखी लेकिन सदन की उपाध्यक्ष प्रियंकारा जयारत्ना ने प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया।
डीएनए के सांसद अनुरा कुमारा दिस्सानायाका ने कहा कि यह अनुचित है कि कोर्ट मार्शल की प्रक्रिया उसी दिन आयोजित की जाए जिस दिन संसद की बैठक तय हो।
मई 2009 में तमिल विद्रोहियों के खिलाफ मिली विजय में फोन्सेका ही सेना के अगुवा थे। बाद में राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे से उनके मतभेद हुए और जनवरी में वह राष्ट्रपति चुनाव में उनके खिलाफ खड़े हुए।
इसके दो सप्ताह बाद उन्हें सरकार के खिलाफ साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। सैन्य हिरासत में ही वह संसदीय चुनाव लड़े और विजयी हुए।
फोन्सेका को संसद के उद्घाटन सत्र में शामिल होने की अनुमति दी गई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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