राजस्थान में न्यायधीशों के ग्रीष्मावकाश समाप्त
उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार (प्रशासन) के अनुसार वर्ष 2010 में किसी भी न्यायिक अधिकारी को ग्रीष्मावकाश लेने की अनुमित नहीं दी जाएगी। एक सरकारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि उक्त अवधि में संबंधित जिला एवं सत्र न्यायाधीश अपने न्याय क्षेत्र के उन न्यायालयों को जो केवल दीवानी कार्य कर रहे हैं, उन्हें सुनवाई एवं निस्तारण के लिए फौजदारी कार्य स्थानांतरित करेंगे।
रजिस्ट्रार (प्रशासन) ने बताया कि 10 जुलाई, 2010 तक समस्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश यह सूचना भिजवाएंगे कि उक्त अविध के दौरान कुल कितने प्रकरणों का आदान-प्रदान किया और कितने मामलों को सुलझाया गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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