कसाब दोषी क़रार, दोनो भारतीय बरी

मुंबई की एक अदालत ने 26 नवंबर 2008 को हुए मुंबई हमले के मामले में पाकिस्तानी नागरिक अजमल आमिर क़साब को दोषी करार दिया है.
कथित तौर पर उनका साथ देने वाले भारतीय नागरिकों फ़हीम अंसारी और सबाउद्दीन को संदेह का लाभ देकर सभी मामलों में बरी कर दिया गया है.
क़साब को सभी 86 आरोपों में दोषी पाया गया जिनमें हत्या और देश के खिलाफ़ साज़िश रचने जैसे मामले शामिल हैं.
न्यायमूर्ति एम तहिलयानी की अदालत ने अजमल आमिर क़साब को चरमपंथी संगठन लश्करे तैबा का सदस्य बताया.
न्यायाधीश ने कहा कि वो सज़ा को घोषणा बाद में करेंगे.
इस मुकदमें की शुरूआत 8 मई 2009 को शुरू हुई थी.
फ़हीम अंसारी के वकील ऐजाज़ नक़वी ने पत्रकारों को बताया कि कोर्ट का कहना था कि 26/11 हमलों में किसी भारतीय का जुड़ाव नहीं है और ये देश के ऊपर हमला था.
ऐजाज़ नकवी के मुताबिक न्यायालय ने कहा कि फ़हीम अंसारी मामले में जिस तरह के प्रमाण रखे गए वो निचले दर्जे के थे.
भारतीय नागरिकों पर आरोप है कि उन्होंने निशाना बने स्थानों का नक्शा तैयार कर उन्हें लश्करे तैबा को नेपाल में सौंपा था.
ऐजाज़ नक़वी के मुताबिक न्यायालय ने कहा कि स्थानों का नक्शा किसी चिट के ऊपर नहीं बनाया गया और जो चिट बरामद हुई उस पर खून का कोई दाग़ नहीं था.
नक़वी ने मुंबई क्राइम ब्रांच के अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि लगता है कि ये चिट फ़हीम अंसारी और सबाउद्दीन को फंसाने के लिए बनाई गई थी.
उन्होंने कहा कि मुंबई हमलों का नेपाल से कोई ताल्लुक नहीं है.












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