भारत का अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक पोल. क्या आपने भाग लिया?
  • search

गिरफ्तार एनडीएफबी सरगना 'असम का कसाब' है : पीड़ित

Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    गुवाहाटी, 2 मई (आईएएनएस)। प्रतिबंधित संगठन नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड (एनडीएफबी) का मुखिया रंजन दयमारी असम का मोहम्मद अजमल आमिर कसाब है। यह कहना है कि 30 अक्टूबर, 2008 को असम में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के पीड़ित अनिरूद्ध दास का। इन धमाकों में सौ लोग मारे गए थे। इस घटना को याद कर आज भी दास सिहर उठते हैं।

    दास गुवाहाटी स्थित गणेशगुरी सब्जी बाजार में सब्जियां बेचने का काम करते हैं। दयमारी की गिरफ्तारी के बाद आईएएनएस ने रविवार को जब उनसे संपर्क साधा तो उन्होंने उसकी तुलना पाकिस्तानी आतंकवादी कसाब से की, जो मंबई हमले का दोषी है। कसाब को सोमवार को सजा सुनाई जाएगी।

    दास ने कहा, "दयमारी को हमारे हवाले कर दिया जाना चाहिए। हम उसके भाग्य का फैसला जनता के बीच करेंगे। उसे तो फांसी पर लटका दिया जाना चाहिए।"

    दास ने विस्फोटों के दौरान अपनी आंखों के सामने अपने पांच सहयोगियों को मरते देखा था। उसके कुछ सहयोगी बुरी तरह घायल भी हुए थे। इनमें से कुछ न तो देख पाते हैं और कुछ न ही सुन पाते हैं।

    उन्होंने कहा, "रंजन दयमारी असम का कसाब है। उसे किसी भी सूरत में माफ नहीं किया जाना चाहिए।"

    ज्ञात हो कि दयमारी पिछले दिनों बांग्लादेश में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उस शुक्रवार मध्य रात्रि को भारत के हवाले किया गया था। वह फिलहाल असम पुलिस की गिरफ्त में है।

    आतंकवादियों की मुखालफत करने वाले गैर सरकारी संगठन असम पब्लिक वर्क्‍स के अभिजीत शर्मा ने कहा, "हम असम के वकील समुदाय से अपील करेंगे कि कोई उसे कानूनी सहायता न दे।"

    एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, "हम उससे पूछातछ कर रहे हैं। उससे कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां व उसके संगठन से जुड़े अहम सुराग हाथ लगने की संभावना है।"

    इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more