अधिकारी ने लिखा 'बाबासाहब चरित मानस'

एटा जिले में तैनात मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) राज कुमार सचान तीन साल की कड़ी मशक्कत के बाद यह कविता संग्रह लेकर आए हैं। उन्होंने आईएएनएस से कहा, "मैं भारत के इस महान चिंतक से बहुत प्रभावित हूं। अंबेडकर ने सामाजिक असमानता के खिलाफ लड़ाई में अपना संपूर्ण जीवन न्यौछावर कर दिया। गरीबों और शोषितों के लिए उन्होंने जो कुछ भी किया, 'बाबासाहब चरित मानस' उसके सम्मान में मेरी तरफ से एक छोटी सी पहल है।"

उन्होंने ने कहा, "मैं बहुत जल्द अंबेडकर को समर्पित करते हुए अपनी कविता संग्रह की एक पुस्तक प्रकाशित करवाऊंगा। उम्मीद है कि अगले छह महीने के अंदर करीब 450 पृष्ठों का यह पुस्तक प्रकाशित हो जाएगी।"

इस कविता संग्रह के प्रकाशन से पहले सचान ने इसकी एक ऑडियो सीडी तैयार करवा ली है, जिसकी पंक्तियों को मुंबई के गायकों ने अपनी आवाज दी है। तीन घंटे की अविध की इस सीडी में अंबेडकर का गुणगान करने वाले कई गाने हैं, जिनमें उन्हें हिन्दू देवताओं के बराबर बताया गया है।

अंबेडकर चरित मानस लिखने का विचार मन में कब और कैसे आया, इस सवाल के जवाब में सचान कहते हैं, "यह तीन साल पहले की बात है। उन दिनों मैं लखनऊ में तैनात था। एक दिन मैं आंख बंद करके ध्यान लगा रहा था कि अचानक मुझ्झे महसूस हुआ कि बाबा साहब मुझसे कह रहे हैं कि मुझे उन पर कविताएं लिखनी चाहिए।"

उन्होंने कहा, "उसके बाद मैंने लिखना शुरू कर दिया और कई बार तो मैंने कविता लिखने के लिए छुट्टियां लीं। इस अविध के दौरान मैंने महाराष्ट्र के अंबावाड़े शहर का दौरा भी किया, जहां अंबेडकर का परिवार रहता है।"

सचान कहते हैं कि उनके इस संकलन का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। इसे किसी राजनीतिक दल को खुश करने के प्रयास के तौर पर नहीं देखा जाए।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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