्नराजस्थानी दंपति को जुदाई की जगह मौत है गवारा
खामा और छत्रराम मंगलवार को एक सार्वजनिक सुनवाई सत्र के दौरान जिला कलेक्टर से सामने पहुंच गए थे। उन्होंने कलेक्टर से कहा कि वे पंचायत के आदेश को नहीं मान सकते इसलिए वह उन्हें अपना जीवन समाप्त करने की इजाजत दी जाए। जयपुर से 550 किलोमीटर दूर स्थित बिम्डा ग्राम पंचायत ने नवविवाहित जोड़े को अलग करने का फैसला सुनाया है।
छत्रराम ने आईएएनएस से कहा, "यह कैसा फैसला है। न मैं और न ही मेरी पत्नी अलग होना चाहते हैं। हमने अलग होने के लिए विवाह नहीं किया था। हम पंचायत के इस निर्णय को स्वीकार करने की बजाए मौत स्वीकार करना पसंद करेंगे।"
उन्होंने कहा, "हमारे पास केवल यही रास्ता है कि हम अपना जीवन समाप्त कर लें।"
पिछले महीने एक आर्य समाज मंदिर में विवाह करने के बाद से खामा और छत्रराम साथ रह रहे थे। खामा के रिश्तेदार उसका विवाह दूसरी जगह करना चाहते थे, उन्होंने पंचायत में इस विवाह की शिकायत दर्ज कराई जिसके बाद पंचायत ने दोनों को अलग हो जाने का फरमान सुना दिया।
खामा के मामा और भाईयों ने कुछ महीने पहले उनके ही गांव के राखा राम से 500,000 रुपये लिए थे और खामा का विवाह उससे कराने का वादा किया था।
जाति पंचायत ने इस जोड़ी को राखा राम को 500,000 रुपये देने और खामा को छत्रराम को छोड़कर राखा राम के साथ रहने का हुक्म दिया है। पंचायत ने यह भी कहा है कि यदि उसके आदेश को नहीं माना गया तो दोनों की हत्या कर दी जाएगी।
अधिकारियों ने मामले में कार्रवाई का वादा किया है।
जिला कलेक्टर गौरव गोयल ने कहा, "मैंने पुलिस से मामले की जांच के लिए कहा है। दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।"
एक सप्ताह पहले ही 22 अप्रैल को राजस्थान के करौली जिले के बाजना खुर्द गांव में पंचायत के एक निर्णय के बाद पांच लोगों ने आत्महत्या कर ली थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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