लोकसभा में वित्त विधेयक 2010 पेश (लीड-1)
उन्होंने कहा कि अब तक मुद्रास्फीति में बढ़ोतरी का कारण रही खाद्य पदार्थो की कीमतों में कमी के संकेत मिल रहे है, इसलिए महंगाई की दर जल्द ही नियंत्रित कर ली जाएगी।
महंगाई के मुद्दे पर 13 पार्टियों द्वारा आयोजित भारत बंद के एक दिन बाद दिए अपने इस बयान में मुखर्जी ने कहा, "सरकार कीमतों की मौजूदा स्थिति से अत्यंत चिंतित है।"
लोकसभा में वित्त विधेयक पर बहस के दौरान मुखर्जी ने कहा, "खाद्य पदार्थों की कीमतों में आ रही कमी के संकेत स्पष्ट रूप से देखे जा रहे हैं। यह कमी अगले महीनों में भी जारी रहने की उम्मीद है।"
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली और अन्य कल्याणकारी योजनाओं में मांग को पूरा करने लिए सरकार के पास गेहूं और चावल का पर्याप्त भंडार है।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार विस्तृत कर सुधार के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए प्रत्यक्ष कर संहिता (डीटीसी)और वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा, "प्रत्यक्ष कर संहिता के पहले प्रारूप को संशोधित करने के लिए संबंधित पक्षों से किया जा रहा विचार-विमर्श अब लगभग पूरा कर लिया गया है, मुझे उम्मीद है कि संशोधित विचार पत्र अगले महीने तक प्रस्तुत कर दिया जाएगा। वस्तु और सेवा कर को 1 अप्रैल 2011 तक लागू करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications