संगमा ने चिदंबरम की आलोचना की
संगमा ने आईएएनएस से कहा, "मैं चिदंबरम के उस बयान से पूरी तरह असहमत हूं, जिसमें उन्होंने जनजातियों को जड़ से मिटाने की बात कही है। आखिर नक्सलियों को पराजित करने के लिए जनजातियों को क्यों मिटाया जाना चाहिए?"
संगमा ने कहा, "चाहे कोयला हो, चूने का पत्थर हो, लौह अयस्क हो या फिर यूरेनियम, भारत को जनजातीय इलाकों में स्थित खनिजों से बड़ा लाभ हुआ है। और अब जनजातीय इलाकों का विकास कर पाने में विफल हुई सरकार जनजातियों को जड़ से मिटाना चाहती है।"
ज्ञात हो कि संगमा खुद गारो जनजाति से हैं। उन्होंने कहा, "हिंसक कार्रवाई नक्सली समस्या का हल नहीं है। लेकिन यदि सरकार विकास संबंधी गतिविधियों का रास्ता निकाले तो इस समस्या को सुलझाया जा सकता है।"
संगमा ने कहा, "मुझे विश्वास है कि सरकार गरीबी, अशिक्षा, अभाव और अन्याय जैसे ज्वलंत मुद्दों को सुलझा कर नक्सली समस्या को समाप्त कर सकती है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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