श्रीलंका में हाथियों की लीद से कारोबार

पिन्नावाला (श्रीलंका), 25 अप्रैल (आईएएनएस)। श्रीलंका के हाथी पालन केंद्र से निकलने वाली लीद कमाई का जरिया बन रही है। हाथियों की लीद से कई तरह के उत्पाद बनाया जाता है। एक तरह से इसे एक कारोबार के रूप में तब्दील किया जा रहा है। इस कारोबार से होने वाली कमाई में 30 फीसदी हिस्सेदारी सरकार की होती है।

हाथी पालन केंद्र के प्रवेश द्वार पर 'पिनावाला एलीफेंट डंग पेपर' की दुकान में हाथियों के लीद का प्रयोग कर कई तरह के उत्पाद बनाए जाते हैं। इन उत्पादों में नोटबुक्स, फोटो के लिए फ्रेम, गिफ्ट के सामान, बुकमार्क्‍स, फोटो एलबम और ग्रीटिंग कार्ड तक बनाये जाते हैं।

इस कारखाने को चलाने वाले एम.आर.एस. पिन्नावाला ने आईएएनएस को बताया, "हाथी की लीद रेशे की तरह होती है। हाथियों की पाचन शक्ति कमजोर होती है। इससे भोजन का 50 फीसदी हिस्सा बिना पचे हुए ही बाहर आ जाता है। यह लीद कई उत्पादों के निर्माण में काम आती है।"

उल्लेखनीय है कि इस हाथी पालन केंद्र को वर्ष 1975 में श्रीलंका के वन्यजीव विभाग द्वारा पिन्नावाला में स्थापित किया गया था। यह कोलंबो से लगभग 80 किलोमीटर दूर है। यहां पर करीब 86 हाथियों का झुंड हैं जिनसे कई टन लीद निकलती है।

पिन्नावाला ने बताया कि एक दिन में लगभग 100 किलोग्राम लीद एकत्रित हो जाती है। इस कारोबार से कमाई का 30 फीसदी हिस्सा सरकार को जाता है।

पिन्नावाला ने बताया कि यह हाथी पालन केंद्र 38 एकड़ में फैला हुआ है। यहां पर घायल जानवरों की देखभाल भी की जाती है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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