करूणानिधि को उम्मीद, तमिल बनेगी सर्वोच्च न्यायालय की भाषा
मद्रास उच्च न्यायालय परिसर में बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर की मूर्ति का अनावरण करने के बाद करूणानिधि ने अपने संबोधन में कहा, "सर्वोच्च न्यायालय में तमिल भाषा में सुनवाई की इजाजत मिलनी चाहिए। इससे पहले मद्रास उच्च न्यायालय में इसकी अनुमति मिले, इसके लिए न्यायाधीशों को आवश्यक कदम उठाने चाहिए।"
उन्होंने कहा कि बाबा साहब के आदर्शो का अनुसरण करने के मामले में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) की सरकार अन्य सरकारों से पीछे नहीं है।
मद्रास उच्च न्यायालय वकील संघ के अध्यक्ष आर. सी. पॉल कणकराज की ओर से वकीलों को चिकित्सीय सहायता प्रदान करने वाले चिकित्सा न्यास गठित करने के संबंध में 10 एकड़ जमीन प्रदान करने के लिए की गई याचिका का जिक्र करते हुए करूणानिधि ने कहा कि इसका फैसला संबंधित अधिकारियों से परामर्श करने के बाद किया जाएगा।
मूर्ति का अनावरण करने के बाद सर्वोच्च न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश के. जी. बालाकृष्णन ने कहा, "देश भर की विभिन्न अदालतों में पिछले कई साल से मामले लंबित पड़े हैं। इन मामलों के निपटारे के लिए और अदालतों की स्थापना और न्यायाधीशों की नियुक्ति ही एकमात्र रास्ता है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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