बाल विवाह रोकने के निर्देश
जयपुर, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। राजस्थान में प्रमुख शासन सचिव (गृह) प्रदीप सेन ने आगामी 16 मई को अक्षय तृतीया (आखातीज) पर होने वाले बाल विवाहों के आयोजन को रोकने के लिए जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को दिशा निर्देश जारी किया है।
सेन ने बताया कि अक्षय तृतीया के दिन बाल विवाहों के आयोजन किये जाने की घटनाएं अक्सर प्रकाशित होती हैं। समाज में बाल विवाह की रोकथाम के लिए जागरूकता जरूरी है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में इस दिन बाल विवाह संपन्न होने की संभावनाएं अधिक रहती हैं जिसको ध्यान में रखते हुए निर्देश जारी किया गया है।
अधिकारियों को जारी निर्देश के बारे में प्रमुख शासन सचिव ने बताया, "16 मई को अक्षय तृतीया के अवसर पर बाल विवाह की संभावना को देखते हुए जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षकों सहित ग्राम एवं तहसील स्तर पर तथा विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को निर्देश जारी किए गए हैं।"
सेन ने बताया कि बाल विवाहों की प्रभावशाली रोकथाम के लिए बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 को एक नवंबर, 2007 से ही लागू किया जा चुका है।
कानून के प्रावधानों को और अधिक कड़ाई से पालन एवं ऐसे मामलों में प्रभावी कार्रवाई किये जाने की आवश्यकता पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि इस अधिनियम में स्पष्ट प्रावधान है कि बाल विवाह संपन्न कराने में किसी प्रकार से सहयोग देने वाले व्यक्तियों को भी दण्डित किया जा सकता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications