मोदी को लेकर गहलोत और वसुंधरा में घमासान
बीते सप्ताह भर से मुख्यमंत्री रोजाना किसी न किसी बहाने आईपीएल और उसके कर्ताधर्ता ललित मोदी को लेकर वसुंधरा राजे पर निशाना साधने से नहीं चूक रहे हैं। उधर, भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव बनने के बाद राज्य की जनता का दुख दर्द जानने के लिए दौरे पर निकलीं वसुंधरा राजे भी मोदी से कन्नी काटते हुए गहलोत को ही कोस रही हैं।
वसुंधरा राजे सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टाचार की जांच के लिए गठित माथुर आयोग पर अदालती रोक लगने के बाद से बंद हुआ एक दूसरे पर आरोप लगाने का दौर मोदी प्रकरण के बहाने फिर से शुरू हो गया है।
मुख्यमंत्री का आरोप है कि वसुंधरा राजे के कार्यकाल में ललित मोदी ने जमकर घोटाले किए और इसी दौरान कमाए पैसे से आईपीएल खड़ा किया।
गहलोत चाहते हैं कि चूंकि आईपीएल में राजस्थान का पैसा लगा है, और यह सब वसुंधरा राजे की देखरेख में हुआ है। नतीजन वसुंधरा को इस बारे में स्पष्टीकरण देना चाहिए।
गहलोत ने वसुंधरा पर आरोप लगाते हुए कहा कि ललित मोदी दरअसल वसुंधरा राजे के शासन की देन हैं। उनके शासन में सरकार के ज्यादातर काम मोदी की ही देखरेख में होते थे। मोदी के लिए राजस्थान में स्पोर्ट्स एक्ट तक बदल दिया गया।
दूसरी तरफ वसुंधरा राजे का कहना है कि राज्य में सूखे और अकाल की भयंकर समस्या है। लोग पानी और पशुओं के चारे के लिए सड़कों पर उतरे हुए हैं। मुख्यमंत्री इस समस्या से जनता का ध्यान हटाने के लिए उन पर कीचड़ उछाल रहे हैं।
राजे का कहना है कि खुद गहलोत के विधायक मंत्रियों पर आरोप लगा रहे हैं। यदि गहलोत अपनी छवि के लिए इस कदर परेशान हैं तो उन्हें अपने मंत्रियों के भ्रष्टाचार की जांच करानी चाहिए।
राजे ने कहा कि करीब 15 माह से अशोक गहलोत उन पर आरोप लगा रहे हैं। यदि ऐसा है तो उन्हें जांच करानी चाहिए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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