'मध्यपूर्व पर बातचीत कठिन लेकिन असंभव नहीं'
रामल्ला, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। मध्य पूर्व मामलों के अमेरिकी राजदूत जॉर्ज मिशेल ने शुक्रवार को कहा कि फिलीस्तीन-इजरायल के बीच वार्ता शुरू होने में अनेक बाधाएं हैं। उन्होंने हालांकि इस पर भी जोर दिया कि वह शांति के लिए किए जा रहे अपने प्रयासों को जारी रखने के लिए दृढ़ हैं।
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार इस क्षेत्र में मिशेल का अचानक दौरा हुआ। उनकी यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच वार्ता को दोबारा शुरू करवाने का है। मिशेल की यात्रा इजरायल से शुरू हुई और रामल्ला में फिलीस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास से बातचीत के बाद खत्म हो गई।
मिशेल ने कहा,"हमें पता है कि यहां काफी संदेह और कई परेशानियां हैं लेकिन अपने सामूहिक लक्ष्य के लिए हम दृढ़ हैं।"
उन्होंने कहा, "इस क्षेत्र में व्यापक शांति महज सपना नहीं रहनी चाहिए। इसे हकीकत में बदला जाना चाहिए और ऐसा किया जा सकता है। हम इसे जल्द ही हकीकत में बदलेंगे।"
फिलिस्तीन के मुख्य वार्ताकार साएब एराकात पहले ही कह चुके हैं कि उनका देश तब तक बातचीत के लिए तैयार नहीं है जब तक इजरायल पूर्वी यरुशलम में बस्तियां बसाना बंद नहीं कर देता।
एराकात की योजना मिशेल के प्रयासों पर अरब लीग से चर्चा करने की है। इसके बाद ही बातचीत शुरू करने के मुद्दे पर जवाब देंगे।
दोनों देशों के बीच करीब एक महीने बाद बातचीत शुरू होने की संभावना है।
मिशेल ने कहा कि अमेरिका फिलिस्तीन को एक व्यवहार्य एवं स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में देखना चाहता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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