शांति बहाली मामले पर उल्फा में खाई बढ़ी
गुवाहाटी में एक अदालत में पेश किए जाने से पहले राजखोवा ने पत्रकारों से बातचीत में बताया, "किसी मसले पर व्यक्तिगत राय देने से भ्रम पैदा होता है और इससे असमवासियों के बीच असमंजस वाली स्थिति खड़ी होगी।"
राजखोवा पिछले चार दिनों में बरुआ द्वारा भेजे गए ईमेल की एक श्रृंखला पर प्रतिक्रिया दे रहे थे। बरुआ ने ईमेल में शांति व्यवस्था बहाल करने के मकसद से गतिरोध को खत्म करने लिए शनिवार को आयोजित होने वाले सम्मेलन को खारिज कर दिया है।
बरुआ शांति प्रक्रिया को खारिज करने को लेकर अटल बना हुआ है। उसका मानना है कि शांति व्यवस्था कायम करने के लिए एक नागरिक संगठन गठित करने में सरकार की मदद दलाल नेता कर रहे हैं। इससे संगठन कमजोर पड़ेगा।
पिछले हफ्ते 11 सदस्यीय नागरिक संगठन ने दावा किया था बरुआ समेत उल्फा के शीर्ष नेता शांति बहाली के लिए बातचीत करने के लिए आगे आएंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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