उड्डयन कंपनियों को 1.7 अरब डॉलर का नुकसान
समाचार एजेंसी 'डीपीए' के अनुसार, इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (आईएटीए) की तरफ से बुधवार को कहा गया कि उद्योग समूह द्वारा पिछले छह दिनों से लेकर मंगलवार तक नुकसान की गणना की गई। राख उड़ने के कारण ज्यादातर यूरोपीय देशों में विमानों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।
आईएटीए ने कहा है कि सरकार को रात की उड़ानों पर लगे प्रतिबंधों में ढील देकर ज्यादा उड़ानों के संचालन की अनुमति देनी चाहिए ताकि अधिक से अधिक यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया जा सके।
एसोसिएशन ने यह भी मांग उठाई है कि प्राकृतिक आपदा की स्थिति में यात्रियों के हक से संबंधित यूरोपीय नियमों में तब्दीली की जानी चाहिए। मौजूदा नियमों के अनुसार किसी असामान्य परिस्थिति में उड़ानों के रद्द होने की स्थिति में यात्रियों को होटल, भोजन और टेलीफोन का बिल खुद अदा करना पड़ता है।
आईएटीए ने यह भी कहा कि इस आपदा से हुई हानि की भरपाई के लिए सरकार को उड्डयन उद्योग को आर्थिक सहायता भी देना चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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