महंगाई सरकार की गलत नीतियों का नतीजा : भाजपा (लीड-2)
पार्टी की ओर से आयोजित महंगाई विरोधी रैली को संबोधित करते हुए भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने कहा कि कांग्रेस का सत्ता में आना और महंगाई बढ़ना एक दूसरे के पूरक हो गए हैं।
उन्होंने कहा, "कांग्रेस जब भी सत्ता में आती है, आवश्यक उपभोग की वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि होने लगती है।"
गडकरी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को उनके उस वादे की याद भी दिलाई जिसमें उन्होंने कहा था कि उनके सत्ता में आने के सौ दिनों के भीतर महंगाई पर लगाम कस ली जाएगी।
उन्होंने कहा कि संप्रग सरकार को सत्ता में आए एक साल हो गया लेकिन महंगाई घटने की बजाए बढ़ती ही जा रही है। "गरीब आत्महत्या को मजबूर हैं।"
गडकरी ने कहा, "महंगाई सरकार की गलत नीतियों के कारण है। मैंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मंहगाई के मुद्दे पर 14 सवाल पूछे थे लेकिन वह उनमें से एक का भी जवाब देने में विफल रहें।"
"कांग्रेस का कोई भी नेता इन सवालों का जवाब देने में समर्थ नहीं है। उनकी नीतियां ही गलत हैं। यह सरकार सुशासन देने में विफल रही है।"
रैली को गडकरी के अलावा लालकृष्ण आडवाणी, सुषमा स्वराज, अरुण जेटली, राजनाथ सिंह और मुरली मनोहर जोशी जैसे वरिष्ठ नेताओं ने भी संबोधित किया।
आडवाणी ने कहा, "खाद्य पदार्थो की कीमतों में सौ से दो सौ फीसदी तक वृद्धि हुई है। यह कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार के कारण है।"
उन्होंने कहा कि भाजपा के इतिहास में आयोजित रैलियों में यह अब तक की सबसे बड़ी रैली साबित हुई है। इस रैली ने पिछले सारे रिकार्ड ध्वस्त कर दिए हैं।
सुषमा स्वराज ने रैली को संबोधित करते हुए कहा, "सरकार कहती हैं प्राकृतिक आपदा, किसानों को अधिक समर्थन मूल्य देना और आर्थिक मंदी महंगाई बढ़ने की मुख्य वजहें हैं लेकिन मैं आपको बतलाना चाहती हूं कि महंगाई इन वजहों से नहीं है बल्कि सरकार की गलत नीतियों और महाघोटालों का परिणाम है।"
उन्होंने कहा, "देश भर से लाखों लोग आज महंगाई की मार से कराह रही जनता के दर्द से सरकार को अवगत कराने, सोई सरकार को जगाने, बेखबर सरकार को चेताने दिल्ली आए हैं। इस पर भी सरकार नहीं चेती तो जनता उसे सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा देगी।"
रैली के बाद हजारों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं ने संसद की ओर रुख किया लेकिन उन्हें बीच रास्ते ही रोक लिया गया।
रैली के मद्देनजर दिल्ली की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। रैली में भाग लेने के लिए हजारों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं का हुजूम सुबह ही राजधानी के रामलीला मैदान पहुंचने लगा।
रैली के कारण सबसे अधिक रिंग रोड, मथुरा रोड, इंडिया गेट, तिलक मार्ग, आसफ अली रोड, टॉलस्टाय रोड, सिकंदरा रोड, बाराखम्बा रोड, संसद मार्ग और अशोक रोड की ट्राफिक प्रभावित हुई। इन मार्गो से गुजरने वालों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
रैली के मद्देनजर भाजपा ने दिल्लीवासियों से सुबह 10 बजे से शाम छह बजे तक जाम से बचने की सलाह दी थी।
गत वर्ष दिसम्बर में पार्टी का अध्यक्ष बनने के बाद नितिन गडकरी के नेतृत्व में पार्टी का यह पहला और बड़ा सरकार विरोधी आयोजन है। इंदौर में संपन्न हुए पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन में गडकरी ने इस रैली के आयोजन की घोषणा की थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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