मोदी चर्चा के केंद्र में, भाग्य का फैसला 26 अप्रैल को (लीड-1)

मनोहर से मुलाकात के बाद पवार ने कहा कि मोदी अपने पद पर बने रहेंगे या नहीं इस पर फैसले का अधिकार इस प्रतिष्ठित ट्वेंटी-20 प्रतियोगिता की कार्यकारिणी के हाथ में आ गया है। कार्यकारिणी 26 अप्रैल को मुंबई में इस संबंध में बैठक करेगी। पवार ने कहा कि बीसीसीआई या फिर आईपीएल द्वारा मोदी के संबंध में कोई भी फैसला सम्मिलित रूप से और सर्वसम्मति से लिया जाएगा।

पवार ने कहा, "हम इस संबंध में 26 अप्रैल को सर्वसम्मत और सम्मिलित निर्णय लेंगे। हमारा मुख्य लक्ष्य भारतीय क्रिकेट, इसके प्रशंसकों और खिलाड़ियों के हितों की रक्षा करना होगा। मोदी बीसीसीआई के उपाध्यक्ष भी हैं और वह कार्यकारिणी द्वारा लिए गए किसी भी फैसले को स्वीकार करेंगे।"

दूसरी ओर, ट्वेंटी-20 लीग में मोदी को बड़ी जिम्मेदारी दिए जाने का विरोध करने वाले मनोहर ने कहा कि आईपीएल कमिश्नर के भाग्य का फैसला करने की दिशा में कार्यकारिणी का निर्णय अंतिम होगा।

यह पूछे जाने पर कि क्या बीसीसीआई के कुछ अन्य सदस्यों ने भी मोदी को हटाए जाने की इच्छा जाहिर की है? मनोहर ने कहा, "इस संबंध में मेरी किसी भी सदस्य से बात नहीं हुई है। मैं नहीं जानता कि दूसरे क्या चाहते हैं। मेरी व्यक्तिगत राय मायने नहीं रखती लेकिन मैं जानता हूं कि कार्यकारिणी की बैठक में सर्वसम्मत और सम्मिलित निर्णय लिया जाएगा।"

इस तमाम विवाद और 10 फ्रेंचाइजी टीमों की आय को लेकर सरकार द्वारा कराई जा रही जांच के मद्देनजर मुखर्जी, चिदंबरम और पवार के बीच हुई बैठ लगभग 15 मिनट तक चली। इस बैठक में क्या चर्चा हुई इसकी औपचारिक जानकारी तो नहीं दी गई लेकिन समझा जा रहा है कि तीनों के बीच मौजूदा आईपीएल विवाद को लेकर चर्चा हुई।

एक तरफ जहां हालात मोदी के खिलाफ बनते दिख रहे हैं वहीं कुछ लोगों ने मोदी का खुलकर समर्थन किया है। केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री फारूक अब्दुल्ला इन्हीं में से एक हैं। अब्दुल्ला ने कहा कि मोदी अपनी अद्भुत सफलता के कारण मुश्किलों में फंसे हैं और उन्हें इस वक्त इस्तीफा देने की कोई जरूरत नहीं है।

संसद भवन परिसर में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए अब्दुल्ला ने कहा, "वह क्यों इस्तीफा दें। आगामी 26 अप्रैल को बैठक होनी है। देखते हैं कि उनके खिलाफ क्या आरोप है और बैठक में उनका जवाब क्या रहता है। हम खुद न्यायाधीश नहीं बन सकते हैं।" अब्दुल्ला ने आईपीएल के राष्ट्रीयकरण की मांग का विरोध किया और कहा कि इस प्रतियोगिता को बहुत प्रचार मिल रहा है इसलिए इस पर ऊंगलियां भी उठ रही हैं।

आईपीएल विवाद में अपने पिता और पति का नाम घसीटे जाते देख राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की नेता और पवार की पुत्री सुप्रिया सुले का कहना है कि उनके परिवार का आईपीएल से कोई नाता नहीं है।

समाचार चैनल 'सीएनएन-आईबीएन' से बातचीत में सुले ने मंगलवार को कहा, "मेरे पति और परिवार को आईपीएल की नीलामी प्रकिया या फिर आईपीएल से ही कोई ताल्लुक नहीं है।" उन्होंने कहा कि उनके परिवार का आईपीएल से सिर्फ यही ताल्लुक हो सकता है कि वह क्रिकेट मैचों को बड़ी उत्सुकता के साथ देखता है।

सुले ने केंद्रीय मंत्री और राकांपा नेता प्रफुल्ल पटेल के खिलाफ आरोपों से जुड़ी खबरों को भी खारिज कर दिया। आईपीएल और अपने पिता के संदर्भ में सुले ने कहा कि पवार ने इस विवाद के दौरान न सिर्फ आईपीएल कमश्निर ललित मोदी बल्कि पूर्व विदेश राज्य मंत्री शशि थरूर का भी बचाव किया।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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