प्रमुख दरों में वृद्धि का उद्योग जगत में स्वागत

फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) के महासचिव अमित मित्रा ने कहा, "वर्तमान स्थिति में यह सबसे अच्छा कदम है। परंतु हम रिवर्स रेपो दर में वृद्धि के इच्छुक नहीं थे, इससे बैंक अपने पैसे को रोक कर नहीं रखते। रिवर्स रेपो में वृद्धि से बैंकों को अपना पैसा भारतीय रिजर्व बैंक के पास जमा रखने को प्रोत्साहन नहीं मिलना चाहिए।"

उन्होंने कहा कि आरबीआई महंगाई रोकने के साथ ही विकास को प्रभावित नहीं होने देने के प्रति भी संवेदनशील रहा है।

उन्होंने कहा कि रेपो दर में 25 आधार अंकों की वृद्धि से निश्चित रूप से ब्याज दरों पर दबाव बढ़ेगा। सीआरआर में 25 आधार अंकों की वृद्धि का भी बाजार पर प्रभाव होगा।

भारतीय उद्योग महासंघ (सीआईआई) के महासचिव चंद्रजीत बनर्जी ने कहा कि औद्योगिक वृद्धि और निवेश के लिए उचित दरों पर कर्ज की उपलब्धता को देखते हुए आरबीआई को मौद्रिक नीति को और कड़ा बनाने से पहले और अधिक जांच की आवश्यकता होगी।

उन्होंने कहा कि कर्ज बढ़ने और विस्तार गतिविधियों के जोर पकड़ने के समय उद्योग जगत के सामने पेश चुनौतियों से आरबीआई परिचित है।

एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (एसोचैम) ने कहा कि आरबीआई की नीति उम्मीदों के अनुरूप ही है।

एसोचैम की अध्यक्ष स्वाति पिरामल ने कहा कि महंगाई को रोकने, अर्थव्यवस्था में स्थाई सुधार, सरकारी कर्ज और निजी क्षेत्र की कर्ज की मांग को पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण दरों में 25 आधार अंकों की वृद्धि सही दिशा में बहुत सोचा समझा कदम है।

उन्होंने कहा कि सीआरआर में 25 आधार अंकों की वृद्धि से 12,000 करोड़ रुपये की तरलता कम होगी, जो महंगाई पर और लगाम लगाएगी।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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