बालों के विकास से जुड़े जीन की पहचान
विस्तृत शोध के बाद बालों के विकास को नियंत्रित करने वाले जीन की पहचान करने वाले वैज्ञानिकों का मानना है कि बाल मनुष्य के शरीर में तापमान के नियंत्रण, भौतिक सुरक्षा, संवेदी गतिविधि, मौसम संबंधी छलावरण और सामाजिक संपर्क के लिए जरूरी कारक की भूमिका निभाते हैं।
बालों का निर्माण 'हेयर फोलिकल्स' में होता है,जो त्वचा के अंदर पाया जाने वाला एक बहुत जटिल और छोटा अंग होता है।
'हेयर फोलिकल्स' का शुरुआती निर्माण भ्रूण के विकास से समय होता है। इसके बाद जीवन के विभिन्न चरणों में 'हेयर फोलिकल्स' नए बालों का विकास करते रहते हैं।
बालों की लंबाई उसके विकास की अवधि पर निर्भर करती है। उदाहरण के तौर पर खोपड़ी पर पाए जाने वाले बालों के विकास की अवधि कई वर्षो तक खिंच सकती है लेकिन भौहों के बालों का विकास कुछ महीनों में ही पूरा हो जाता है।
विकास प्रक्रिया के पूर्ण होने के बाद बालों का बनना कम होता जाता है और एक समय ऐसा भी आता है जब 'हेयर फोलिकल्स' आराम की स्थिति में चले जाते हैं।
आराम की स्थिति से लौटने के बाद 'हेयर फोलिकल्स' में एक बार फिर बालों के विकास की प्रक्रिया शुरू होती है। इस प्रक्रिया के कारण शरीर का पुराना बाल पूरी तरह गायब हो जाता है और उसके स्थान पर नए बाल उग आते हैं।
वैज्ञानिकों का मानना है कि बालों के विकास को नियंत्रित करने में 'एचएच-2' नाम के जीन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यह जीन 'हेयर फोलिकल्स' के दौरान पूरी तरह सक्रिय रहता है और उसके आराम की स्थिति में जाने के दौरान काम करना बंद कर देता है।
जिन 'हेयर फोलिकल्स' से एलएच-2 को अलग कर दिया गया, वे बालों के विकास के लिए अयोग्य हो जाते हैं। इस आधार पर वैज्ञानिक इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि एचएच-2 पर ध्यान केंद्रित करके वे मनुष्य के शरीर से गायब बालों को फिर से प्राप्त कर सकते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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