'थरूर की पेशकश से भावुक हो गए थे प्रधानमंत्री'
थरूर के करीबियों से मिली जानकारी के अनुसार, "जब थरूर ने इस्तीफे की पेशकश की थी तो प्रधानमंत्री भावुक हो गए थे। वह निजी तौर पर उन्हें पसंद करते हैं लेकिन विपक्ष के दवाब के कारण प्रधानमंत्री को इस्तीफा स्वीकार करना पड़ा।"
सूत्रों के अनुसार संसदीय कार्यवाही को जारी रखने के लिए प्रधानमंत्री को थरूर का इस्तीफा स्वीकार करना पड़ा। प्रधानमंत्री शनिवार को जब ब्रासीलिया से स्वदेश आ रहे थे, तब उनसे संसद में थरूर मसले पर हुए हंगामे पर सवाल पूछा गया था। प्रधानमंत्री ने कहा था कि 'राजनीति में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं।'
सूत्रों के अनुसार थरूर को कैबिनेट में शामिल करने का फैसला प्रधानमंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का था। थरूर पहली बार सांसद चुने गए थे। उन्होंने तिरुवनंतपुरम से भारी मतों के अंतर से जीत दर्ज की थी।
सामान्यतौर पर पहली बार चुनाव जीतने वाले सांसदों को मंत्री पद नहीं मिलता है लेकिन थरूर मामला अपवाद था। उन्हें अंतर्राष्ट्रीय मामलों में गहरी पैठ रखने की वजह से विदेश राज्य मंत्री का पद दिया गया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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